Bhiwandi, India - February -20, 2026: .In the Bhiwandi Nizampur city Municipal Corporation mayoral election 2026, Mayor BJP rebel Narayan Chaudhari and congress Deputy Mayor Tariq Momin emerged victorious ,in Thane ,in Mumbai, India, on, Friday, February -20, 2026. ( Praful Gangurde / HT Photo)
मुंबई/ठाणे: मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में आने वाले भिवंडी-निजामपुर महानगर पालिका में जबरदस्त खेला हुआ। बीजेपी से बागवत करने वाले नारायण चौधरी मेयर बने गए। इसके साथ ही उनकी तुलना एकनाथ शिंदे से शुरू हो गई। जून, 2022 में उद्धव ठाकरे से बगावत करके एकनाथ शिंदे बीजेपी के सहयोग से महाराष्ट्र के सीएम बने गए थे। कुछ इसी तरह की राजनीति भिंवडी में हुई। बीजेपी के सिंबल पर जीते नारायण चौधरी कांग्रेस के अगुवाई वाली सेकुलर फ्रंट गठबंधन और बीजेपी के बागी पार्षदों के समर्थन से मेयर बन गए है। भिंवडी में करीब 25 साल से राजनीति में सक्रिया नारायण चौधरी ने दूध बेचने से मेयर का सफल तय किया है।
नारायण रतन चौधरी अब भिंवडी के प्रथम नागरिक बन गए हैं। उनकी पत्नी का नाम अलका नारायण चौधरी और बेटे का नाम विकी चौधरी है। नारायण चौधरी असल में भिवंडी के तडाली इलाके के रहने वाले हैं और उन्होंने 2002 में अपना पॉलिटिकल सफर शुरू किया था। वे सबसे पहले 2002 में पार्षद बने। वह 2007 तक वे भिवंडी विकास अघाड़ी से कॉरपोरेटर रहे। फिर 2007 से 2012 में उन्होंने निर्दलीय जीतकर जलवा दिखाया। 2012 में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। 2012 से 2017 के बीच उनकी पत्नी अलका नारायण चौधरी सपा से पार्षद बनीं।। 2017 में नारायण चौधरी शिवसेना में शामिल आ गए। इसके बाद जब महाराष्ट्र में हालात बदले तो वह 2025 में बीजेपी में शामिल हो गए। जनवरी में हुए नगर निगम चुनावों में चौधरी बीजेपी से पार्षद बने। भिवंडी में राजनीतिक खेला में एनसीपी (एसपी) के लोकसभा सदस्य सुरेश म्हात्र उर्फ बाल्या मामा की भूमिका अहम मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि वे किंगमेकर बनकर उभरे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि इस साल पहली बार ही बीजेपी ने उन्हें भाजपा ने मेयर पद के लिए उम्मीदवार बनाया था। जब बीजेपी ने सही समय पर अपना उम्मीदवार बदल दिया, तो चौधरी ने बगावत कर दी। उन्होंने सेक्युलर फ्रंट से मेयर पद के लिए अपनी उम्मीदवारी दाखिल कर दी। मेयर चुनाव में चौधरी ने हाथ उठाकर वोटिंग में साफ बहुमत हासिल करके बीजेपी को बड़ा झटका दे दिया। चौधरी को 48 वोट मिले जबकि बीजेपी की स्नेहा पाटिल को 25 और विलास पाटिल को सिर्फ 16 वोट मिले। नारायण चौधरी ने दूध का बिजनेस करने के बाद कंस्ट्रक्शन बिजनेस में आ गए थे। उनकी जीत ने बीजेपी को बड़ा सदमा दिया है। नारायण चौधरी नारायण डेवलपर्स नाम के मालिक हैं।
