पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को ‘मेरी रसोई’ योजना की शुरुआत की घोषणा की. 40 लाख परिवारों का इस योजना का फायदा मिलेगा. राज्य सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड 40 लाख परिवारों को जरूरी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएगी. सरकार फूड किट बनाकर लोगों को बांटेगी. नीले कार्ड धारकों को ये किट दी जाएगी. इसमें दाल, चीनी, नमक, हल्दी और सरसो तेल शामिल है. चंडीगढ़ में मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया से बात करते हुए सीएम भगवंत मान ने कहा कि इस पहल का मकसद गरीब परिवारों के बच्चों को पर्याप्त पोषण सुनिश्चित करना है.
हर वर्ग का ख्याल रख रही AAP सरकार- भगवंत मान
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पहले से ही इन लाभार्थियों को रियायती दरों पर गेहूं उपलब्ध करा रही है और वह राज्य के प्रत्येक व्यक्ति को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिबद्ध है. सीएम मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब के हर वर्ग का ख्याल रख रही है ताकि गरीब परिवारों के बच्चों को भी पौष्टिक आहार मिल सके.
‘मेरी रसोई’ योजना के तहत क्या और कितना मिलेगा?
2 किलो मूंग दाल
2 किलो चीनी
1 किलो आयोडीन युक्त नमक
200 ग्राम हल्दी
1 लीटर सरसों का तेल
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की समय-समय पर होगी जांच- भगवंत मान
मुख्यमंत्री मान ने कहा, ”ऐसा पाया गया है कि गरीब परिवारों के कई बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल रहा है. सरकार लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं में सुधार कर रही है. इन सामग्रियों का वितरण तिमाही आधार पर किया जाएगा, जिसका पहला चरण अप्रैल में शुरू होने वाला है.” उन्होंने जानकारी देते हुए आगे बताया कि यह योजना मार्कफेड (Markfed) और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से चलाई जाएगी, और मानकों को बनाए रखने के लिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच की जाएगी.
सरकार का उद्देश्य
सरकार का उद्देश्य है कि गरीब एवं जरूरतमंद वर्गों को केवल अनाज ही नहीं, बल्कि दैनिक उपयोग की आवश्यक खाद्य सामग्री भी सुनिश्चित की जाए। मेरी रसोई योजना के तहत अब लाभार्थियों को कनक (गेहूं) पूर्व की तरह के साथ 2 किलोग्राम चीनी, 2 किलोग्राम चने की दाल, 1 किलोग्राम नमक, 200 ग्राम हल्दी एवं 1 लीटर सरसों का तेल मिलेगा।
इन वस्तुओं को शामिल करने का उद्देश्य रसोई की बुनियादी जरूरतों को एक ही योजना में पूरा करना है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने वर्षभर वितरण को व्यवस्थित रखने के लिए इसे चार सर्कलों में बांटा है जिसमें पहला सर्कल 1 अप्रैल से शुरू, दूसरा सर्कल जुलाई से शुरू, तीसरा अक्टूबर से और चौथा सर्कल जनवरी से शुरू होगा।
इस चरणबद्ध प्रणाली से वितरण में पारदर्शिता और नियमितता सुनिश्चित की जाएगी। योजना के तहत आवश्यक खाद्य सामग्री की खरीद की जिम्मेदारी मार्कफेड को सौंपी गई है। यह एजेंसी राज्य स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध सप्लाई उपलब्ध करवाएगी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा डिपो स्तर पर राशन का वितरण किया जाएगा, ताकि लाभ सीधे पात्र परिवारों तक पहुंचे और किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
सरकार ने फेयर प्राइस शॉप (डिपो) संचालकों को राहत देते हुए उनका मार्जिन 45 पैसे प्रति किलोग्राम कर दिया है। इससे डिपो होल्डरों की आय में वृद्धि होगी और वितरण प्रणाली को मजबूती मिलेगी। मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का किया धन्यवादखाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने इस जनहितकारी फैसले के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का तहेदिल से धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि यह योजना आम लोगों की रसोई को मजबूत करने वाली ऐतिहासिक पहल है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी परिवार महंगाई के कारण आवश्यक खाद्य सामग्री से वंचित न रहे, और यह निर्णय उसी दिशा में एक ठोस कदम है। सरकार का मानना है कि इस विस्तारित योजना से न केवल खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि गरीब परिवारों के मासिक खर्च में कमी आएगी और पोषण संतुलन भी बेहतर होगा।
