गोवा के बेनाउलिम स्थित अवर लेडी ऑफ पट्रोसिनियो कम्युनिटी सेंटर में आज शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उम्मीद ने जन्म लिया, जब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने छात्रों के लिए ई-लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। यह पहल विधायक कैप्टन वेंजी वीगास द्वारा शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य गोवा के हर छात्र तक आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है।
इस ई-लाइब्रेरी में 10,000 से अधिक ई-बुक्स उपलब्ध हैं। सभी कक्षाओं के लिए वीडियो, सिमुलेशन और प्रैक्टिस मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। जेईई, नीट, क्लैट और 40 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए टेस्ट की सुविधा भी दी गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी वही संसाधन मिल सकें जो बड़े निजी स्कूलों के छात्रों को मिलते हैं।
गोवा की मौजूदा शिक्षा स्थिति कई सवाल खड़े करती है। राज्य में सरकारी स्कूलों की संख्या 906 से घटकर 789 रह गई है। कुल लगभग 1,487 स्कूलों में से 238 स्कूल ऐसे हैं जहां केवल एक शिक्षक पूरे स्कूल की जिम्मेदारी संभालता है। लेकिन जमीनी स्तर पर संसाधनों और शिक्षकों की कमी साफ दिखाई देती है। ऐसे समय में ई-लाइब्रेरी जैसी पहल छात्रों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
आम आदमी पार्टी की शिक्षा नीति का मॉडल पहले दिल्ली में लागू हुआ और फिर पंजाब में मजबूती से आगे बढ़ा। पंजाब में आज लगभग 90 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे में पंजाब ने शीर्ष स्थान बरकरार रखा। राज्य सरकार ने 234 प्रिंसिपलों और शिक्षा प्रशासकों को सिंगापुर में प्रशिक्षण के लिए भेजा, 216 प्राथमिक शिक्षकों को फिनलैंड के तुर्कू विश्वविद्यालय में और 199 हेडमास्टरों को आईआईएम अहमदाबाद में प्रशिक्षित किया गया। सरकारी स्कूलों के लिए 1,908 कैंपस मैनेजर और 1,316 सुरक्षा गार्ड नियुक्त किए गए, जिससे स्कूलों का माहौल सुरक्षित और व्यवस्थित बना।
आम आदमी पार्टी की शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य साफ है, सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर लाना। पार्टी का मानना है कि गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को भी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिलनी चाहिए, ताकि वे आगे चलकर रोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर सकें। शिक्षा केवल डिग्री नहीं, बल्कि भविष्य बदलने का साधन है।
