भारत के भी शहरों में खामेनेई की मौत के विरोध शिया समुदाय ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया था। जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में आज कर्फ्यू जैसे हालात हैं। श्रीनगर के लालचौक पर बैरिकेडिंग की गई है। एक्स्ट्रा फोर्स भी तैनात किया गया। इंटरनेट भी डाउन किया गया है।अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच लगातार दो दिन से जंग और मिडिल ईस्ट के देशों में फंसे भारतीयों और भारत में सुरक्षा को लेकर पीएम मोदी के आवास पर रविवार रात करीब 9.30 बजे सुरक्षा समिति की बैठक हुई थी। इसमें शाह, राजनाथ, CDS चौहान, वित्तमंत्री भी शामिल थीं।मीटिंग में वेस्ट एशिया में रहने वाले भारतीयों और वहां फंसे लोगों की सुरक्षा, हालात बिगड़ने पर उससे कैसे निपटा जाए, इस पर चर्चा हुई। फिलहाल वेस्ट एशिया का एयरस्पेस लगभग बंद है। पीएम ने X पोस्ट में बताया कि उन्होंने UAE प्रेसिडेंट शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की।
पीएम बोले- मुश्किल वक्त में भारत UAE के साथ
पीएम ने बताया था कि भारत ने UAE पर हुए हमलों की निंदा की है। भारत इस मुश्किल समय में उनके साथ है। वहां रहने वाले भारतीयों का ध्यान रखने के लिए UAE का धन्यवाद है। हम तनाव कम करने, शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं।पीएम ने यह भी बताया कि इजराइल के घटनाक्रमों पर भारत ने चिंता जताई है। भारत ने नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया है। यही सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भारत दुश्मनी को जल्द खत्म करने की जरूरत पर फिर से जोर देता है।
ईरान में 10 हजार भारतीय
ईरान में करीब 10 हजार भारतीय नागरिक रहते हैं, पढ़ते और काम करते हैं। जबकि 40,000 से ज्यादा इजराइल में रहते हैं। गल्फ और वेस्ट एशिया में करीब 90 लाख भारतीय हैं।
भारत में रविवार को 350+ फ्लाइट कैंसिल
मिडिल-ईस्ट के बंद एयरस्पेस के चलते 1 मार्च को भारतीय घरेलू एयरलाइंस की 350 उड़ानें रद्द की गईं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी फ्लाइट की स्थिति लगातार ट्रेक करते रहें।
मिडिल ईस्ट देशों में भारतीय दूतावासों ने जारी की एडवाइजरी
कुवैत में भारतीय एम्बेसडर, एम्बेसडर परमिता त्रिपाठी ने कुवैत में भारतीय समुदाय के लगभग 100 जाने-माने सदस्यों और भारतीय एसोसिएशन के प्रमुखों के साथ एक वर्चुअल बातचीत की। इनमें कुवैत, ऑस्ट्रिया, ओमान, लेबनान के भारतीय दूतावासों ने वहां फंसे भारतीयों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है।
राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन के बाद सुरक्षा कड़ी
ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक जताने के लिए हुए विरोध प्रदर्शनों और सभाओं के बाद नेशनल कैपिटल के कई हिस्सों में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। सावधानी के तौर पर सेंसिटिव इलाकों, खासकर डिप्लोमैटिक मिशनों और शिया आबादी वाले इलाकों में और पुलिस तैनात की गई है।
भारत पर असर…
अभी कच्चे तेल के दाम 73 से 75 डॉलर प्रति बैरल हैं। गोल्डमैन सॉक्स का कहना है कि भाव 100 डॉलर प्रति बैरल पहुंचते हैं तो पेट्रोल-डीजल महंगे होने की आशंका है। हालांकि भारतीय रिफाइनरियों के पास अभी 10 दिन की जरूरत के लिए कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है।दिल्ली में ऊर्जा नीति विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा ने ईरान-इजराइल जंग के कारण पश्चिम एशिया में उपजे संकट और तेल कीमतों पर कहा कि हालात जिस दिशा में जा रहे हैं, उसे लेकर चिंता जरूर है, लेकिन उनका अनुमान है कि अगले 7-10 दिनों में स्थिति धीरे-धीरे स्थिर होने लगेगी। संभव है कि अमेरिका और इजराइल अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा मानकर शांति या बातचीत की पहल करें।तेल क्षेत्र पर बात करते हुए तनेजा ने कहा कि कच्चा तेल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है। भारत जो कच्चा तेल खरीदता है, उसका लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पर्शियन गल्फ क्षेत्र से आता है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य भारत के लिए रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।उन्होंने अनुमान जताया कि कच्चे तेल की कीमतें अल्पकाल के लिए बढ़कर लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं, लेकिन यह बढ़ोतरी सीमित समय करीब एक हफ्ते तक ही रह सकती है।तनेजा का कहना है कि फिलहाल तेल की कीमतों को लेकर बहुत ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। अमेरिका और इजराइल ने सैन्य कार्रवाई की अवधि और उसके प्रभाव को लेकर पहले से भू-राजनीतिक गणित कर लिया होगा, इसलिए यह संकट लंबे समय तक खिंचने की संभावना कम है।
जम्मू-कश्मीर के जिलों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां
जम्मू-कश्मीर के जिलों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां हैं। यह सुरक्षाबलों की भी तैनाती है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाओं और यातायात पर भी नियंत्रण रखा गया है।जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में लाल चौक पर बैरिकेडिंग की गई है। यहां पर भारी सुरक्षाबल की तैनाती भी है। एक दिन पहले खामेनेई की मौत के विरोध में शिया समुदाय के लोगों ने लाल चौक पर जमकर हंगामा किया था।
