दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को कांग्रेस की ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ मेगा रैली में सियासी बयानबाजी चरम पर रही. वोट चोरी के आरोपों को लेकर आयोजित इस रैली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी, आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले किए. मंच से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि एक बार चुनाव हारने के बाद नरेंद्र मोदी का नामो-निशान नहीं रहेगा, जबकि कांग्रेस हार के बाद भी जिंदा है और संघर्ष करती रहेगी.वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश में सत्य और असत्य के बीच लड़ाई चल रही है और कांग्रेस सत्य के साथ खड़े होकर ‘आरएसएस सरकार’ को हिंदुस्तान से हटाएगी. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बीजेपी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि अगर देश में निष्पक्ष चुनाव हों और बैलेट पेपर से मतदान कराया जाए, तो भारतीय जनता पार्टी कभी चुनाव नहीं जीत सकती.
खड़गे का दावा, गांधी-नेहरू-आंबेडकर के खिलाफ बात करती है बीजेपी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कहा कि ‘वोट चोरी’ करने वाले ‘‘गद्दार’’ हैं और इन्हें सत्ता से हटाना होगा ताकि वोट के अधिकार और संविधान को बचाया जा सके. खड़गे ने रामलीला मैदान में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली में यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आरएसएस और मनुस्मृति की विचारधारा पर आगे बढ़ रहे हैं जिससे खत्म हो जाएगा. उन्होंने कहा कि देश को बचाना है, वोटों को सुरक्षित रखना है, संविधान को बचाना है तो लोगों को कांग्रेस एवं राहुल गांधी के साथ खड़ा होना होगा.उन्होंने दावा किया, ‘‘कांग्रेस पार्टी की विचारधारा ही देश को बचा सकती है, भागवत और मनुस्मृति की विचारधारा देश को बचाएगी नहीं, बल्कि खत्म कर देगी. इनके रास्ते पर नरेन्द्र मोदी चल रहे हैं.’’ उनका कहना था कि हिंदुत्व के नाम पर गरीबों को फिर से गुलामी में रखने का प्रयास हो रहा है. खड़गे ने दावा किया, ‘‘ये लोग (भाजपा के लोग) हमारे खिलाफ, गांधी जी, नेहरू जी और आंबेडकर जी के खिलाफ बात करते हैं…दूसरी तरफ वोट चोरी करते हैं. ये गद्दार लोग हैं. इन गद्दारों को (सत्ता से) हटाना होगा.’’ उनका कहना था, ‘‘एक बार चुनाव हारने के बाद कहीं नरेन्द्र मोदी का नामो-निशान नहीं रहता, लेकिन कई बार चुनाव हारने के बाद भी कांग्रेस पार्टी और उसकी विचारधारा जिंदा है और पार्टी अपनी विचारधारा के साथ संघर्ष करती रहेगी.’’ उन्होंने कहा कि केरल के स्थानीय निकाय चुनाव में शानदार जीत हासिल की और राजग को कुचल दिया.
भागवत के बयान पर राहुल गांधी का तीखा पलटवार, बोले – सत्ता नहीं, सत्य सबसे बड़ा
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश में सत्य और असत्य के बीच लड़ाई जारी है और उनकी पार्टी सत्य के साथ खड़े होकर ‘आरएसएस सरकार’ को हिंदुस्तान से हटाएगी. राहुल ने दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिलकर काम कर रहा है. राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान का हवाला देते हुए कहा, ‘‘भागवत ने कहा कि विश्व सत्य को नहीं शक्ति को देखता है, जिसके पास शक्ति है उसे माना जाता है. यह विचारधारा आरएसएस की है. हमारी विचारधारा, हिंदुस्तान की विचारधारा, हिंदू धर्म की विचारधारा और दुनिया के सभी धर्मों की विचारधारा कहती है कि सत्य सबसे जरूरी हैं. भागवत कहते हैं कि सत्य का कोई मतलब नहीं है, सत्ता जरूरी है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ सत्य और असत्य के बीच लड़ाई है. हम सत्य के साथ खड़े होकर हिंदुस्तान से नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस सरकार को हिंदुस्तान से हटाएंगे.’’ भागवत ने शनिवार को अंडमान में विराट हिंदू सम्मेलन समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि वर्तमान समय में वैश्विक मान्यता को आकार देने में सिर्फ सत्य से कहीं अधिक शक्ति का योगदान है. उन्होंने कहा था, “विश्व सत्य को नहीं, शक्ति को देखता है, जिसके पास शक्ति है, उसको मानता है…भले मन से नहीं, पर मानता जरूर है.” राहुल गांधी ने 2023 के चुनाव आयोग का हवाला देते हुए चेतावनी भरे लहजे में कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी निर्वाचन आयुक्त कह ही है, आप हिंदुस्तान के निर्वाचन आयुक्त हो, नरेन्द्र मोदी के निर्वाचन आयुक्त नहीं हो. हम कानून पूर्वव्यावी रूप से बदलेंगे और आपके खिलाफ कार्रवाई करेंगे.’’ उन्होंने दावा किया कि संसद में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान अमित शाह के हाथ कांप रहे थे. राहुल गांधी ने कहा, ‘‘हो सकता है इस सब में समय लगे, लेकिन हिंदुस्तान में सत्य की जीत होगी.’’ उनका कहना था, ‘‘हम सत्य और अहिंसा के साथ नरेन्द्र मोदी और अमित शाह को हराकर दिखाएंगे.
चुनाव आयोग पर प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने रविवार को दावा किया कि यदि देश में सही चुनाव और बैलट पेपर से चुनाव करा लिए जाएं तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को कभी चुनाव नहीं जीत सकती. कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी का विश्चास घट रहा है और सिर्फ चुनाव आयोग की बदौलत चुनाव जीता जा रहा है. प्रियंका गांधी ने एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिवरिविजन के मुद्दे पर दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 3 करोड़ नामों को वोटर लिस्ट से काटे गए हैं. उनका कहना था कि बिहार विधानसभा चुनाव में हार को लेकर कांग्रेस समर्थकों को मायूस होने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह चुनाव 65 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से काटकर और आचार संहिता के बीच लोगों के खातों में 10-10 हजार रुपये पहुंचाकर चोरी हुआ है. प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘जब सब संस्थाओं को कुचला जा रहा है, तो एक-एक भारत वासी को उठना चाहिए, जागना चाहिए और समझना चाहिए कि देश के व्यक्ति पर वार हो रहा है.’’ उन्होंने दावा किया कि आज के समय में न्यायपालिका दबाव में है. कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘एक सही चुनाव लड़ लें, बैलट पेपर पर लड़ लें तो ये (भाजपा) खुद जानते हैं कि कभी नहीं जीत जाएंगे.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव की घोषणा से लेकर नतीजे तक हर चीज को संदिग्ध बना दिया गया है. प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके सहयोगी चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेके जोशी के नाम देश कभी नहीं भूलेगा और उन्हें एक दिन उनको जवाब देना होगा.
