गोरखपुर में सोमवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के निर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पत्रकारिता के अलग-अलग आयामों प्रिंट मीडिया, विजुअल मीडिया, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के बीच परस्पर समन्वय होना आवश्यक है। यदि किसी एक ही तथ्य को मीडिया के अलग-अलग आयाम भिन्न-भिन्न तरीके और दृष्टिकोण से प्रस्तुत करेंगे तो आमजनमानस के सामने कन्फ्यूजन की स्थिति होगी। ऐसी स्थिति मीडिया के प्रति जनविश्वास को भी प्रभावित करेगी। इसलिए यह आवश्यक है कि मीडिया के सभी अंग समान मानक, मूल्यों और आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ें।सीएम योगी सोमवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।इस अवसर पर सांसद रवि किशन शुक्ल, विधान परिषद सदस्य एवं भाजपा के प्रदेश के उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, दैनिक जागरण के स्थानीय संपादक मदन मोहन सिंह, अमर उजाला के स्थानीय संपादक विनीत सक्सेना, राष्ट्रीय सहारा के पीयूष बंका, आज के अखिलेश चंद, स्वतंत्र चेतना के आनंद जी वैश्य सहित बड़ी संख्या में पत्रकारों की सहभागिता रही।

पत्रकारिता को बताया लोकतंत्र का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है। संवाद में आलोचना हो सकती है किन्तु इस आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मनाना चाहिए। जब हम एक सूत्र की मनोस्थिति से कार्य करते हैं तो सदैव सार्थक परिणाम सामने आते हैं।सीएम योगी ने कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना होता है। पत्रकारिता जिस दृष्टि से समाज के मुद्दो को प्रस्तुत करता है, समाज उसी दृष्टि से उसे समझता है। पत्रकारिता को जन विश्वास प्रतीक के रूप में बने रहने के लिए सही और गलत के प्रति एक भाव में रहना चाहिए। पत्रकारिता में किसी भी मुद्दे पर दो भाव नहीं होने चाहिए, क्योंकि यह भाव जन विश्वास पर कुठाराघात करता सीएम ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ होते हैं और लोकतंत्र संवाद से चलता है। उन्होंने कहा कि संवाद के दौरान आलोचना होना स्वाभाविक है। लेकिन उसे व्यक्तिगत भावना से नहीं जोड़ना चाहिए। यदि सकारात्मक सोच के साथ काम किया जाए तो उसका बेहतर परिणाम सामने आता है। उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना होती है और मीडिया जिस रूप में समाज को प्रस्तुत करता है, लोग उसी रूप में उसे देखते हैं।मुख्यमंत्री योगी ने पत्रकारिता को कभी बेलगाम न होने देने का आह्वान किया। उन्होंने मूल्यों और आदर्शों के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया। भारत में पत्रकारिता का मूलभाव राष्ट्र सेवा, समाज सेवा और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ रहा है। मुख्यमंत्री ने समाज को गुमराह करने वाली पत्रकारिता से बचने की सलाह दी।
हिंदी पत्रकारिता का इतिहास भी किया याद
सीएम ने हिंदी पत्रकारिता के इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि लगभग 200 वर्ष पहले, 30 मई 1826 को उदंत मार्तंड नामक पहले हिंदी समाचार पत्र की शुरुआत जुगुल किशोर शुक्ल ने कोलकाता से की थी। उस समय देश गुलाम था और हिंदी भाषी क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पत्रकारिता की शुरुआत हुई थी।मुख्यमंत्री ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी पत्रकारिता ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूती दी है। 200 वर्ष पहले 30 मई 1826 को कोलकाता से हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत हुई थी। जुगुल किशोर शुक्ल ने हिंदी के पहले समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड का शुभारंभ किया था। उन्होंने देश की आजादी के स्वर को तेज करने के लिए पत्रकारिता को माध्यम बनाया। यह शानदार यात्रा 200 वर्ष से बिना रुके आगे बढ़ रही है। भारतीय पत्रकारिता का आधार उपनिषदों की ‘सत्यमेव जयते’ सूक्ति से प्रेरित है। विघटनकारी शक्तियों की चुनौती हमेशा रही है, पर हमें इन बाधाओं से विचलित नहीं होना है।
प्रेस क्लब भवन और सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रेस क्लब को एक साधारण भवन मिला था। लेकिन 2017 के बाद सरकार ने इसे भव्य स्वरूप देने का काम किया है। अब यहां सभी मान्यता प्राप्त पत्रकार अपनी गतिविधियां आसानी से संचालित कर सकते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। साथ ही वेलफेयर योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति अपनी शून्य सहिष्णुता की नीति जारी रखी है। समाज के प्रत्येक वर्ग को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पत्रकारों के लिए भी विभिन्न आवासीय योजनाएं चलाई हैं। मान्यता प्राप्त पत्रकारों को नकद रहित चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। गोरखपुर में पत्रकारिता की दिशा राष्ट्रभक्ति के भाव को बढ़ाने वाली होनी चाहिए। आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना में पत्रकारिता की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार मूल्यों व आदर्शों पर आधारित पत्रकारिता के साथ सदैव खड़ी है।
अपराध व भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति निरंतर जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपराध व अपराधियों तथा भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को निरंतर जारी रखा है। समाज के प्रत्येक वर्ग को जन कल्याणकारी योजनाओ का लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पत्रकारों के लिए भी विभिन्न आवासीय योजनाएं चलाई है। मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा रहा है।
तीन करोड़ की आबादी गोरखपुर पर निर्भर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तीन करोड़़ की आबादी शिक्षा, व्यापार व रोजगार हेतु गोरखपुर महानगर पर निर्भर है। पूर्वी यूपी, पश्चिमी बिहार, और नेपाल की एक बड़ी आबादी गोरखपुर पर निर्भर रहती है। कहा कि गोरखपुर में पत्रकारिता की दिशा, लोगो के मन में राष्ट्रभक्ति के भाव को बढ़ाने वाली होनी चाहिए। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पाने तथा विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य को पत्रकारिता को मजबूती के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। यदि हम ऐसा कर पाएंगे तो यह बेहद महत्वपूर्ण होगा।
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने दिलाई शपथ
समारोह में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी, उपाध्यक्ष धनेश कुमार, महामंत्री पंकज श्रीवास्तव, संयुक्त मंत्री महेंद्र गौड़, कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, पुस्तकालय मंत्री संजय कुमार, कार्यकारिणी सदस्य मनोज कुमार मिश्रा, रजनीश त्रिपाठी और अजीत सिंह को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में स्वागत संबोधन प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी ने जबकि संचालन गजेंद्र त्रिपाठी और प्रेम पराया ने किया।
नई कार्यकारिणी इस प्रकार है:
पदाधिकारी:
अध्यक्ष: ओमकार धर द्विवेदी
उपाध्यक्ष: दिनेश कुमार
मंत्री: पंकज श्रीवास्तव
कोषाध्यक्ष: दुर्गेश यादव
संयुक्त मंत्री: महेंद्र गौंड
पुस्तकालय मंत्री: संजय कुमार
कार्यकारिणी सदस्य:
मनोज मिश्रा
अजीत सिंह
रजनीश त्रिपाठी
