लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठ के खिलाफ योगी सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और कानून-व्यवस्था को मजबूत रखना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अब सख्त अभियान चलाया जाएगा, जिसमें पहचान सत्यापन से लेकर निर्वासन तक की प्रक्रिया तेज की जाएगी.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी ‘पाती’ के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, “देश के संसाधनों पर हमारे नागरिकों का हक है. उत्तर प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.” उन्होंने अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की शुरुआत की घोषणा की.
सुरक्षा ही समृद्धि का आधार
सीएम ने जागरूक जनता से अपील की, “मैं प्रदेश की जागरूक जनता से अपील करता हूं कि सतर्क रहे और घरेलू अथवा व्यावसायिक कार्यों में किसी भी व्यक्ति को नियोजित करने से पूर्व उसकी पहचान अवश्य सुनिश्चित करे.” उन्होंने जोर देकर कहा, “प्रदेश की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है क्योंकि सुरक्षा ही समृद्धि का आधार है.”प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश पुलिस और संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि अवैध घुसपैठियों की पहचान, सत्यापन और आवश्यकता पड़ने पर निर्वासन की प्रक्रिया को तुरंत अमल में लाया जाए. विशेष अभियान के तहत संदिग्ध इलाकों में छापेमारी बढ़ाई जाएगी. पिछले कुछ महीनों में उत्तर प्रदेश में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठ के कई मामले सामने आ चुके हैं, जो सामाजिक तनाव और सुरक्षा चुनौतियों को जन्म दे रहे थे. सरकार का यह कदम इन मुद्दों पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.सोशल मीडिया पर सीएम के इस बयान को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है. कई यूजर्स ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए सरकार की तारीफ की है, जबकि कुछ ने अवैध घुसपैठ की जड़ों पर और सख्ती की मांग उठाई है. एक प्रमुख पोस्ट में लिखा गया, “योगी जी का यह फैसला UP की सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा. अब समय है कि हर नागरिक सजग हो.” हालांकि, कुछ वर्गों ने मानवीय पहलुओं पर भी बहस छेड़ दी है, जो इस मुद्दे को और बहुआयामी बना रही है.
कार्रवाई देश के लिए उदाहरण
यह कार्रवाई न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण स्थापित कर सकती है, जहां अवैध प्रवास को नियंत्रित करने के प्रयास तेज हो रहे हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए कोई भी निर्दोष प्रभावित नहीं होगा, लेकिन घुसपैठियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति बरती जाएगीसीएम योगी इन दिनों प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। पंचायत चुनाव (2025) और विधानसभा चुनाव (2027) से पहले उन्होंने हाल ही में प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर डिटेंशन सेंटर स्थापित करने और प्रदेशभर में घुसपैठियों की पहचान हेतु विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं।’योगी की पाती’ में मुख्यमंत्री ने सर्वोच्च न्यायालय की उस टिप्पणी का उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि घुसपैठियों के लिए ‘लाल कालीन’ नहीं बिछाया जा सकता। सीएम ने लिखा कि यह स्पष्ट संकेत है कि अवैध रूप से देश में रह रहे लोगों को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यूपी की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और मजबूत कानून-व्यवस्था उनकी प्राथमिकता है, इसलिए रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों पर कठोर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। सभी नगर निकायों को संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुँचे, इसके लिए दस्तावेज़ सत्यापन का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन व्यक्तियों की पहचान अवैध घुसपैठियों के रूप में हो रही है, उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजा जा रहा है ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके। इसी उद्देश्य के लिए प्रत्येक मंडल में डिटेंशन सेंटर तैयार किए जा रहे हैं।सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को घरेलू या व्यावसायिक कार्यों में रखने से पहले उसकी पहचान अवश्य सत्यापित करें। उन्होंने लिखा कि प्रदेश की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और सुरक्षा ही समृद्धि की आधारशिला है।
