चंडीगढ़ Union Budget 2026 केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए बजट को लेकर पंजाब के मंत्रियों ने कड़ी निंदा की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि केंद्रीय बजट एक बार फिर पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों के लिए एमएसपी की कोई गारंटी नहीं है युवाओं के लिए रोज़गार का कोई भरोसा नहीं है और उद्योगों या टैक्स प्रणाली को कोई राहत नहीं दी गई है। केंद्र ने पंजाब की आर्थिकता को मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। जिससे राज्य और यहां के लोगों के साथ एक बार फिर नाइंसाफी हुई है सीएम मान ने कहा कि पंजाबी मेहनती और जज्बे वाले हैं और केंद्र की बार.बार अनदेखी के बावजूद आप सरकार और पंजाब के लोग एकजुट होकर अपने दम पर पंजाब को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगे।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर पंजाब और हरियाणा के किसानों की जायज चिंताओं को नज़रअंदाज़ किया है जिससे किसान हितैषी होने के उसके खोखले दावों की पोल खुल गई है चीमा ने बताया कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है और न ही मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए कोई ठोस मदद की गई है जिससे कृषि प्रधान राज्यों को अपने भरोसे छोड़ दिया गया है।वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब का किसान देश का पेट भरता है। फिर भी केंद्र सरकार उन प्रणालियों में निवेश को लेकर उपेक्षा कर रही है। जो खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं वित्त मंत्री ने अधिक कीमत वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए अपनाए गए चयनात्मक पहुंच की भी आलोचना की जबकि बजट में नारियल काजू चंदन और सूखे मेवे जैसी फसलों का जिक्र है लेकिन उत्तर भारत के किसानों के लिए कुछ नहीं है जो अपने खेतीबाड़ी के मौसम के हिसाब से फसलों पर निर्भर करता हैं। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बजट स्पष्ट तौर पर केंद्र के भेदभाव और अनाज पैदा करने वाले राज्योंए खासकर पंजाब के किसानों के प्रति उसकी लगातार उदासीनता को दिखाता है। ये किसान सम्मानए सहयोग और सही उचित निवेश के हकदार हैंए खोखले नारों के नहीं वहीं पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने कहा कि देश का अन्न भंडार भरने के बावजूद पंजाब के किसानों के हाथ एक बार फिर खाली रह गए हैं। उन्होंने कहा कि बजट में गेहूं और धान के अलावा एमएसपी के लिए कोई साफ रोडमैप नहीं दिया गयाए जो किसानों की आय को सुरक्षित करने के प्रति केंद्र की गंभीरता की कमी को दिखाता है खुडियां ने इशारा किया कि फसल डाइवर्सिफिकेशन के लिए कोई ठोस पैकेज नहीं दिया गयाए जो पंजाब में टिकाऊ कृषि के लिए बहुत जरूरी है और न ही बार.बार आने वाली बाढ़ से प्रभावित किसानों को कोई आर्थिक सहायता दी गई। उन्होंने दावा किया कि केंद्र ने एक बार फिर देश के अन्नदाताओं की मुश्कलों को नजरअंदाज करके और खोखले वादे करके उनसे मुंह मोड़ लिया है।
पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी इसने देश के लोगों को बहुत निराश किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने के लिए बड़े.बड़े वादे किए थे लेकिन बजट में किसानों युवाओं महिलाओं या आम नागरिकों के लिए कोई भी सार्थक कदम नहीं उठाया गया अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के साथ एक बार फिर सौतेली मां जैसा बर्ताव किया गया है। आजादी से लेकर देश का पेट भरने तक और मुश्किल समय में हमेशा सबसे आगे रहने में पंजाब के ऐतिहासिक योगदान के बावजूद राज्य के लिए कोई बड़े प्रोजेक्ट का कोई प्रबंध नहीं किया गयाण् मंत्री ने केंद्र के इस रवैये को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि पंजाब की लगातार हो रही अनदेखी बर्दाश्त के बाहर हैण् अमन अरोड़ा ने बजट को सिरे से खारिज करते हुए प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से पंजाब के साथ भेदभाव बंद करने की अपील की उन्होंने याद दिलाया कि पंजाब देश का एक अभिन्न अंग है और उसे निषपक्ष सम्मान और बनती सहायता का हकदार है।
केंद्रीय बजट पंजाब के साथ बड़ा भेदभाव दिखाता है
आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने केंद्रीय बजट की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह पंजाब के साथ खुला भेदभाव दिखाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने किसानों युवाओं या विकास के लिए कुछ न देकर राज्य के साथ एक बार फिर धोखा किया है। बजट में न तो एमएसपी पर कोई कानूनी गारंटी है न युवाओं के लिए रोजगार का कोई भरोसा और न ही पंजाब के किसी बड़े प्रोजेक्ट को कोई मंजूरी दी गई है। धालीवाल ने याद दिलाया कि पंजाब ने आजादी की लड़ाई से लेकर आज देश की सीमाओं की रक्षा करने तक देश के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां दी हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार लगातार फंड रोककर और राज्य की जरूरतों को अनदेखा करके पंजाब को उसका हक देने से मना कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाबी मेहनती और दिलेर हैं और अपने पैरों पर खड़े रहेंगेए लेकिन केंद्र को एक दिन अपनी लगातार अनदेखी का जवाब देना होगा। धालीवाल ने पंजाब के साथ बार बार अन्याय करने के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री की कड़ी आलोचना की और इसे बेहद दुखदाई और बर्दाश्त के बाहर बताया। उन्होंने कहा कि पंजाबी मेहनती और दिलेर हैं और अपने पैरों पर खड़े रहेंगे लेकिन केंद्र को एक दिन अपनी लगातार अनदेखी का जवाब देना होगा। धालीवाल ने पंजाब के साथ बार.बार अन्याय करने के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री की कड़ी आलोचना की और इसे बेहद दुखदाई और बर्दाश्त के बाहर बताया।
केंद्रीय बजट की निंदा करते हुए पंजाब के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि केंद्र ने एक बार फिर पंजाब के किसानों के महत्वपूर्ण योगदान को नज़रअंदाज़ किया है। उन्होंने कहा कि बजट में एमएसपी फसल विविधीकरण या किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए कोई गंभीर प्रावधान नहीं किया गया है। भुल्लर ने कहा कि भाजपा शासित केंद्र सरकार को पंजाब के किसानों की जायज मांगों को बार.बार खारिज करने के लिए खुद पर शर्म आनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि किसानों को सुरक्षा और मदद देने से इनकार करके केंद्र ने एक बार फिर उनके अधिकारों को कुचला है और अपनी किसान विरोधी मानसिकता को उजागर किया है। वहीं मंत्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि जिस राज्य ने देश के अन्न भंडार भरे हैए उसे कोई दिशा या कल्याणकारी सहायता नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि बजट में न तो एमएसपी का भरोसा है न ही फसल डायवर्सिफिकेशन का कोई प्लान है और न ही प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए कोई स्कीम हैण् कटारुचक ने दावा किया कि यह बजट स्पष्ट रूप से भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की किसान विरोधी सोच और पंजाब और उसके किसानों की लगातार अनदेखी को साफ दिखाता है। वहीं मंत्री डॉक्टर रवजोत ने कहा कि जब भी पंजाब के अधिकारों की बात आती हैए तो केंद्र सरकार हमेशा चुप्पी साध हैण् उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यए शिक्षा और कृषि पर बड़े.बड़े दावों के बावजूदए केंद्रीय बजट में पंजाब को कोई खास सहायता नहीं दी गई हैण् उन्होंने कहा कि यह तरीका न तो सही है और न ही न्यायापूर्ण बल्कि यह पंजाब और उसके लोगों की जानबूझकर अनदेखी का साफ मामला है।
