केंद्रीय खेल मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने भारतीय हॉकी के 100 वर्ष 1925-2025 पूरे होने के उपलक्ष्य में भव्य समारोह की घोषणा की है। हॉकी इंडिया के सहयोग से आयोजित होने वाला यह शताब्दी समारोह 7 नवंबर को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही इस अवसर पर भारत के 550 से अधिक जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह समारोह सुबह 8.30 बजे शुरू होगा और भारतीय हॉकी के गौरवशाली सफर को दर्शाने वाले कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डॉ मनसुख मांडविया ने कहा भारतीय हॉकी के 100 साल पूरे होने का उत्सव मना रहा है और यह गौरव दृढ़ता और राष्ट्रीय गौरव से भरी एक शताब्दी का सम्मान हैं। यह देश को सम्मान दिलाने वाले हमारे नायकों को याद करने और आगे बढ़ते हुए उनकी यात्रा से प्रेरणा लेने का अवसर है। हॉकी भारत के लिए सिर्फ़ एक खेल नहीं बल्कि उससे कहीं बढ़कर है.यह हमारी पहचान और सामूहिक भावना का हिस्सा है। 550 से ज़्यादा ज़िलों में होने वाले ये समारोह न सिर्फ़ हमारी विरासत को उजागर करेंगेए बल्कि भारतीय हॉकी की कहानी को देश के कोने कोने तक लेकर जाएंगे। इससे युवा लड़के.लड़कियों को हॉकी स्टिक थामने और पूरे जुनून के साथ खेलने की प्रेरणा मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने भारतीय हॉकी के 100 वर्ष पूरे होने पर शताब्दी समारोह की घोषणा की
हॉकी इंडिया के सहयोग से आयोजित होने वाले इस समारोह की शुरुआत 7 नवंबर को मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में होगी
देश भर के 550 से अधिक जिलों में एक साथ 1,400 से अधिक हॉकी मैच खेले जाएंगे, 36,000 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे
लैंगिक समानता, टीम वर्क और समावेशिता को उजागर करने के लिए 30 मिनट का मिश्रित प्रदर्शनी मैच खेला जाएगा
मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में एक बड़े पैमाने पर फोटो प्रदर्शनी यहां आने वाले लोगों को 100 गौरवशाली वर्षों की दृश्य यात्रा का अनुभव कराएगी। इसमें 1928 के एम्स्टर्डम खेलों से लेकर वर्तमान हॉकी के स्वरूप तक की दुर्लभ अभिलेखीय तस्वीरेंए यादगार वस्तुएं और ओलंपिक घटनाओं के चित्र और अन्य यादगार वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी। शताब्दी वर्ष के अवसर पर आधिकारिक स्मारक संस्करण श्भारतीय हॉकी के 100 वर्ष का विमोचन भी होगा। यह इस खेल की उल्लेखनीय यात्रा विजय चुनौतियों और पुनरुत्थान का वर्णन करता है। यह प्रकाशन पुस्तिका एक ऐतिहासिक अभिलेख के साथ.साथ भारतीय हॉकी विरासत को आकार देने वाले खिलाड़ियों की पीढ़ियों के प्रति श्रद्धांजलि भी होगी। इस अवसर को जमीनी स्तर के 36000 से ज़्यादा खिलाड़ियों की भागीदारी के साथ देश भर के 550 जिलों में एक साथ 1400 से ज़्यादा हॉकी मैच खेले जाएंगे। प्रत्येक जिले में एक पुरुष और एक महिला मैच होगा जो समानता और समावेश का प्रतीक है। इस पहल का उद्देश्य पूरे देश में उत्सव का माहौल के साथ साथ ग्रामीण और शहरी भारत को राष्ट्रीय खेल के उत्सव में एकजुट करना है।
केंद्रीय मंत्री एकादश और हॉकी इंडिया की मिश्रित एकादश ;पुरुष एवं महिला के बीच 30 मिनट का प्रदर्शनी मैच खेला जाएगा। लैंगिक समानता टीम वर्क और समावेशिता को उजागर करते हुए इस मैच में पुरुष और महिला दोनों राष्ट्रीय टीमों के शीर्ष खिलाड़ी भाग लेंगे। इसके बाद विभिन्न पीढ़ियों के हॉकी दिग्गजों को सम्मानित किया जाएगा और भारत को दुनिया के सबसे सफल हॉकी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में उनके योगदान को मान्यता दी जाएगी। भारत ने आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक और 13 ओलंपिक पोडियम फिनिश करने का गौरव हासिल किया हैं। हॉकी सरकार की योजनाओं में प्राथमिकता वाले खेलों में से एक है। पुरुष और महिला हॉकी सरकार की प्रमुख योजनाओं . टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम ;टीओपीएसद्ध और टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप में शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत राष्ट्रीय टीमों को प्रत्येक ओलंपिक चक्र में प्रशिक्षण प्रतियोगिताओं प्रदर्शन यात्राओं और भत्तों सहित अन्य सुविधाओं के लिए धन राशि मिलती है। महिलाओं में हॉकी के प्रचार.प्रसार के लिए खेल मंत्रालय देश भर में जूनियर और सब.जूनियर स्तर पर अस्मिता हॉकी लीग का आयोजन करता है।
खेल मंत्री ने यह भी कहा देश के खेल इको सिस्टम को निवेश बढ़ाकर आधुनिक बुनियादी ढांचे और संस्थागत सुधारों के माध्यम से मज़बूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है . 2036 तक भारत को दुनिया के शीर्ष खेल राष्ट्रों में से एक बनाना और प्रत्येक खेल में लगातार उच्चतम स्तर का प्रदर्शन करना। मंत्रालय भारतीय खेल प्राधिकरण और हॉकी इंडिया जैसे महासंघों के बीच निरंतर सहयोग सेए हम युवा प्रतिभाओं को निखारते रहेंगेए खेलों को सुलभ बनाने के लिए प्रयास करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत का तिरंगा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऊंचा लहराए। शताब्दी वर्ष के अवसर पर आधिकारिक स्मारक संस्करणए ष्भारतीय हॉकी के 100 वर्ष का विमोचन भी होगा। यह इस खेल की उल्लेखनीय यात्रा विजय चुनौतियों और पुनरुत्थानकृका वर्णन करता है। यह प्रकाशन पुस्तिका एक ऐतिहासिक अभिलेख के साथ.साथ भारतीय हॉकी विरासत को आकार देने वाले खिलाड़ियों की पीढ़ियों के प्रति श्रद्धांजलि भी होगी।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ दिलीप तिर्की ने कहा भारतीय हॉकी के 100 साल पूरे होने का जश्न हम सभी के लिए बेहद भावुक और गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि हमारे गौरवशाली अतीत का सम्मान करती है और साथ ही इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए नई पीढ़ी को प्रेरित करती है। भारतीय हॉकी ने हमेशा लचीलापन एकता और उत्कृष्टता की भावना का प्रतिनिधित्व किया है। इस शताब्दी समारोह में हमारा ध्यान खेल को जमीनी स्तर से मज़बूत करने पुरुषों और महिलाओं दोनों को समान रूप से सशक्त बनाने और अपनी टीमों को एक बार फिर विश्व हॉकी के शिखर पर पहुंचने के लिए तैयार करने पर है। मैं उन सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं जो वर्षों से भारतीय हॉकी के साथ खड़े रहे हैं। हमारे खिलाड़ी कोच प्रशंसक और साथी। हम सब मिलकर अगली सदी को और भी सुनहरा बनाएंगे। इस अवसर को जमीनी स्तर के 36000 से ज़्यादा खिलाड़ियों की भागीदारी के साथ देश भर के 550 जिलों में एक साथ 1400 से ज़्यादा हॉकी मैच खेले जाएंगे। प्रत्येक जिले में एक पुरुष और एक महिला मैच होगा जो समानता और समावेश का प्रतीक है। इस पहल का उद्देश्य पूरे देश में उत्सव का माहौल के साथ.साथ ग्रामीण और शहरी भारत को राष्ट्रीय खेल के उत्सव में एकजुट करना है।
हॉकी इंडिया के महासचिव श्री भोला नाथ सिंह ने कहा इस ऐतिहासिक उपलब्धि के अवसर पर मुझे यह देखकर बहुत गर्व हो रहा है कि हॉकी इंडिया एक पारदर्शी जवाबदेह और दूरदर्शी संगठन के रूप में विकसित हुआ है। हमारा ध्यान पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए प्रदर्शन.आधारित वित्त पोषण और जमीनी स्तर पर विकास से लेकर पेशेवर लीग के सफल शुभारंभ तकए सभी प्रणालियों को मजबूत करने पर रहा है। हम सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए कोचिंगए विश्लेषण और बुनियादी ढांचे में भी निवेश कर रहे हैं। मैं भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करना चाहता हूं। विश्व स्तरीय सुविधाएं विकसित करने और युवा प्रतिभाओं को निखारने में उसका निरंतर सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। यह शताब्दी वर्ष केवल इतिहास का उत्सव नहीं हैए बल्कि भारतीय हॉकी के मजबूत भविष्य के निर्माण के लिए हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि है।
