नई दिल्ली: दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में सीबीआई की ओर से दर्ज मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है. राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को सभी आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया था.
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि चार्जशीट में काफी विरोधाभास हैं. कोर्ट ने कहा कि हजारों पेजों के चार्जशीट में जो तथ्य पेश किए गए हैं वे गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते. इस मामले में मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन जेल में रहे, वहीं अरविंद केजरीवाल दो बार के अंतराल में 156 दिन जेल में रहे. अरविंद केजरीवाल 13 सितंबर, 2024 को तब रिहा हुए जब सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के मामले में जमानत दी.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कई बार सीबीआई पर नाराजगी जताई और सीबीआई के चार्जशीट पर सवाल उठाया. कोर्ट ने कहा कि सीबीआई ने जो दस्तेवज दिए वे चार्जशीट से मेल नहीं खाते हैं. इस मामले में सीबीआई ने केजरीवाल और सिसोदिया समेत 23 लोगों को आरोपी बनाया था. बता दें कि ईडी ने 21 मार्च, 2024 को अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था. वहीं 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को 1 जून तक की अंतरिम जमानत दी थी, जिसके बाद केजरीवाल ने 2 जून, 2024 को सरेंडर किया था.
वहीं केजरीवाल को 26 जून, 2024 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. ईडी ने 10 मई, 2024 को छठी पूरक चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें बीआरएस नेता के कविता, चनप्रीत सिंह, दामोदर शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद सिंह को आरोपी बनाया गया है. कोर्ट ने 29 मई को छठे पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. बता दें कि 27 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने के कविता को सीबीआई और ईडी के मामले में जमानत दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने 13 सितंबर, 2024 को केजरीवाल को सीबीआई के मामले में नियमित जमानत दी थी.
