चंडीगढ़। पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों के परिणाम बताते हैं कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव में शानदार प्रदर्शन कर बड़ी जीत हासिल की है। यह चुनाव ग्रामीण इलाकों से संबंधित थे लिहाजा चुनावों में आप की जीत शहरी क्षेत्रों से आगे बढ़कर ग्रामीण पंजाब में उसकी मजबूत पैठ को दर्शाती है जिसे पारंपरिक रूप से शिरोमणि अकाली दल का गढ़ माना जाता था। एक बात तो साफ है कि गांवों में आप का जलवा है। आप इसको आगे एक साल तक कैसे खींचकर ले जाती है यह उनकी सियासी सूझबूझ पर निर्भर करता है।कांग्रेस 2027 में सत्ता वापसी का सपना देख रही है मगर राह में चुनौतियां बहुत ज्यादा हैं। पंचायत समिति में कांग्रेस करीब 611 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस के लिए यह खतरे की घंटी है। कांग्रेस व अकाली दल अंदरूनी लड़ाई में उलझे हुए हैं और भाजपा ग्रामीण इलाकों में जमीनी सतह पर है।
पिछले साल लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को सात सीटें मिली थीं जिसमें लोगों के बीच चर्चा उठ गई थी कि कांग्रेस 2027 में पंजाब में आप को टक्कर देने में सक्षम है लेकिन एक साल बाद आप ने जिला परिषद व पंचायत समिति चुनावों में एकतरफा जीत हासिल कर कांग्रेस को संकेत दिया है कि उनके लिए सत्ता की राह आसान नहीं है। हालांकि पिछले साल संसदीय चुनावों में आप व कांग्रेस दोनों का वोट बैंक 26 फीसदी के आसपास ही था। पार्टी नेताओं और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन परिणामों को ग्रामीण जनता की ओर से आप सरकार के काम की राजनीति और कल्याणकारी योजनाओं पर मुहर बताया है। आप पंजाब में सेहत व शिक्षा और नई सड़कों के निर्माण को लेकर पूरा प्रचार कर रही है। मोहल्ला क्लीनिक से लेकर युद्ध नशे के विरुद्ध जैसे मुद्दों को लेकर आप मैदान में उतरी हुई है। आप के पास कहने के लिए काफी कुछ है। वहीं आप के पास सीएम भगवंत मान के बराबर का कोई ऐसा कद्दावर नेता नहीं है जो बेबाक बोलने और विरोधियों पर तंज कसने में माहिर हो।पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों का महत्व अक्सर विधानसभा या लोकसभा चुनावों की तुलना में कम आंका जाता है लेकिन वास्तव में यही चुनाव ग्रामीण शासन की रीढ़ होते हैं। सड़क पानी स्वास्थ्य शिक्षा और पंचायत स्तर के विकास कार्यों की दिशा इन्हीं संस्थाओं से तय होती है। ऐसे में इन चुनावों में किसी दल का मजबूत प्रदर्शन यह दर्शाता है कि ग्रामीण मतदाता उसकी नीतियों और कार्यशैली को स्वीकार कर रहे हैं। इन नतीजों का असर केवल स्थानीय निकायों तक सीमित नहीं रहेगा। यह प्रदर्शन आने वाले समय में राज्य की व्यापक राजनीति पर भी प्रभाव डाल सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत पकड़ किसी भी दल के लिए दीर्घकालिक राजनीतिक स्थिरता का आधार बनती है और इस दृष्टि से आम आदमी पार्टी की बढ़त को एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस व अकाली दल अंदरूनी लड़ाई में उलझे हुए हैं और भाजपा ग्रामीण इलाकों में जमीनी सतह पर है। कांग्रेस को इन चुनाव परिणामों से काफी सबक लेने की जरूरत है। उनको नेतृत्व परिवर्तन पर सूझबूझ से काम लेना होगा। 2022 के विधानसभा चुनाव में यह मुख्य विपक्षी दल बन गई जिसे केवल 18 सीटें मिलीं। इसका वोट बैंक विभिन्न समुदायों में फैला हुआ है लेकिन हाल ही में इसमें सेंध लगी है। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 7 सीटें जीती थीं जो आप के 3 सीटों से अधिक थीं लेकिन हाल के स्थानीय चुनावों में इसका प्रदर्शन गिरा है। शिअद पंजाब का एक प्रमुख क्षेत्रीय दल है जिसका पारंपरिक और मुख्य वोट बैंक सिख समुदाय विशेषकर ग्रामीण किसानों के बीच है। 2022 के चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बहुत खराब रहा लेकिन तरनतारन उपचुनाव से अकाली दल की चर्चा फिर से हो रही है। अब बठिंडा के मानसा का उदाहरण सटीक है जहां जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल का दबदबा रहा। जिले की 11 जिला परिषद सीटों में से आप ने 7 पर जीत हासिल की जबकि शिरोमणि अकाली दल शिअद ने 4 सीटों पर कब्जा जमाया। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी जिला परिषद में अपना खाता भी नहीं खोल पाईं। जिले की इन 11 जिला परिषद सीटों पर शिअद और आप के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। इन चुनावों में विरोधी गुट अलग अलग स्थानों पर प्रभावी नजर आए। दोआबा में कांग्रेस टक्कर देती रही जबकि बठिंडा में अकाली दल। दाखा में आजाद रूप से विधायक मनप्रीत अयाली का जलवा रहा। समिति के 25 में से 17 पर आजाद ही जीत गए। दोआबा में कांग्रेस आप की टक्कर है और मालवा में आप अकाली दल की। अब जालंधर का उदाहरण सटीक हैए जहां पर जिला परिषद की 21 सीट में से आप ने 10 जीती जबकि कांग्रेस ने 7 सीट हासिल की।
चुनाव नतीजों के बाद मोहाली क्लब में सीएम भगवंत सिंह मान के साथ बातचीत में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में हुए जिला परिषद और ब्लॉक समितियों के चुनाव में जनता ने आम आदमी पार्टी के काम की राजनीति पर भरोसा जताया है। इस चुनाव में आप ने 70 फीसद सीटें जीत कर एक तरह से क्लीन स्वीप कर दिया। आप ने जिला परिषद की 250 और ब्लॉक समिति के 1800 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की है। इस चुनावी नतीजों से साफ है कि पंजाब में आप के पक्ष में हवा चल रही है और जनता आप सरकार के काम से बहुत खुश है।अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहली बार पंजाब में युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। नशा बेचने वालों के घरों पर बुलडोजर चल रहे हैं और 25 हजार से ज्यादा नशा तस्कर गिरफ्तार हुए हैं। बिना रिश्वत के 55 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और 43 हजार किमी शानदार सड़कें बन रही हैं। अब किसानों को दिन में 8 घंटे बिजली और 90 फीसद परिवारों को फ्री बिजली मिल रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार से लोगों का ष्ष्आपष्ष् पर भरोसा बढ़ा है। 580 सीटों पर 100 से कम वोटों से जीत हुई है। इसमें से 319 सीटें विपक्ष का जीतना इस बात का सबूत है कि यह चुनाव बहुत पारदर्शी तरीके से हुए।चुनाव नतीजे बताते हैं कि पूरे पंजाब में आम आदमी पार्टी की लहर चल रही है। जिला परिषद और ब्लॉक समितियों की लगभग 70 फीसद सीटें आम आदमी पार्टी ने जीती हैं। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। यह नतीजे दिखाते हैं कि पंजाब के अंदर भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही आम आदमी पार्टी की सरकार के कामों के उपर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने अपनी मुहर लगाई है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2013 में जिला परिषद और ब्लॉक समितियों के चुनाव हुए थे। इससे एक साल पहले 2012 में हुए जिला परिषद और ब्लॉक समितियों के चुनाव में अकाली दल जीता था। अकाली दल के जीतने के एक साल बाद ही 2013 में जिला परिषद और ब्लॉक समितियों के चुनाव हुए थे। एक तरह से अकाली दल के हनीमून पीरियड के तुरंत बाद ये चुनाव हुए थे। इसके बाद 2018 में चुनाव हुए जो 2017 के विधानसभा चुनाव के एक साल बाद हुए थे। जिसमें कांग्रेस को जीत मिली थी। लेकिन इस बार जिला परिषद और ब्लॉक समितियों के चुनाव 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से एक साल पहले हुए हैं। इस चुनाव के नतीजे दिखा रहे हैं कि भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार जो काम किए हैं उससे एंटी इंकम्बेंसी नहीं बल्कि प्रो इंकम्बेंसी फैक्टर दिखाई देता है। पंजाब के लोग आप सरकार के कामों से बहुत खुश हैं और उन कामों पर जनता ने अपनी मोहर लगाई है। चुनाव के नतीजे आने के दौरान मेरी कुछ लोगों से बात हुई तो उन्होंने बताया कि 2012 में अकाली दल की सरकार थी इसलिए अकाली दल को जिला परिषद और ब्लॉक समितियों के चुनाव में बहुमत मिला। लेकिन मेरा मानना है कि यह तुलना सही नहीं है। क्योंकि उस वक्त अकाली दल की सरकार को मात्र एक साल ही हुए थे जबकि आम आदमी पार्टी की सरकार को 4 साल हो चुके हैं। दूसरी बात यह है कि सब लोग जानते हैं कि 2013 और 2018 में जिला परिषद और ब्लॉक समितियों के चुनाव धक्का शाही से हुए थे। मतदान और मतगणना की वीडियोग्राफी नहीं हुई थी। पूरी जीत धक्का शाही से हुई थी। लेकिन इस बार जिला परिषद और ब्लॉक समितियों के चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ हुए थे। मतदान और मतगणना की वीडियोग्राफी हुई है। अरविंद केजरीवाल ने उदाहरण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के चुनाव की पारर्शिता को बताते हुए कहा कि 580 सीटें ऐसी हैं जो 100 से कम मतों के अंतर से जीती गई हैं। इन 580 सीटों में 261 आम आदमी पार्टी और 319 सीटें विपक्ष ने जीती हैं। जिस तरह से चुनाव में धक्का किया जाता है उसी तरह आम आदमी पार्टी ने भी मशीनरी का दुरुपयोग किया होता तो विपक्ष को मिली 319 सीटें भी आम आदमी पार्टी के पक्ष में आ जातीं। संगरूर जिलो में फगुआला जोन कांग्रेस सिर्फ 5 वोट से जीती है यह इस बात का प्रमाण है कि यह चुनाव पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से हुए हैं। श्री मुक्तसर साहिब कोट भाई जोन को कांग्रेस मात्र 41 वोट से जीती है। ब्लॉक समितियों में फतेहगढ़ साहिब में लखनपुर जोनए जालंधर में गिल लुधियाना में बाजरा कांग्रेस सिर्फ 3 वोट से जीती है। इसी तरह गुरुदासपुर में छग्गुवाल और होशियारपुर में घोरेवाहा को कांग्रेस 4 वोट से जीती है। 3.4 वोट से कांग्रेस जीती है तो इससे ज्यादा पारदर्शी चुनाव नहीं हो सकता।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब की जनता ने आम आदमी पार्टी की सरकार के कामों के उपर अपनी मोहर लगाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे बड़ा काम युद्ध नशे के विरुद्ध है। विपक्ष में बैठी सभी पार्टियां पंजाब को नशे में धकेलने के लिए जिम्मेदार थीं। इन्होंने पंजाब को नशे में धकेला। इनमें एक पार्टी को ऐसी है जो अपने मंत्रियों की गाड़ी से नशे को पहुंचवाती थी। इस पार्टी की सरकार नशे का पूरा करोबार चलाती थी। दूसरी पार्टी वो है जिनके नेता ने नशा रोकने के लिए गुटका साहिब की कसम खाई थी लेकिन पांच साल की सरकार में कुछ नहीं किया। पंजाब में नशे का कारोबार जारी रहा।अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहली बार आम आदमी पार्टी की सरकार में पंजाब के लोगों ने देखा कि नशा बेचने वालों के घरों पर बुलडोजर चले और अभी तक 25 हजार से ज्यादा लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। बहुत सारे किसानों के खेतों में आजादी के 75 साल साल बाद नहर का पानी पहुंचा है। लोग अपने खेत की सिंचाई के लिए नहर के पानी को तरस गए थे। कांग्रेस.अकाली दल की सरकार में रात को 3 बजे बिजली आती थी और किसानों को रात में उठकर खेत की सिंचाई करने के लिए ट्यूबवेल चलाना पड़ता था लेकिन आप की सरकार में दिन में लगातार 8 घंटे बिजली आती है। किसानों को अब रात में जागने की जरूरत नहीं है। इससे किसान बहुत खुश हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहली बार पंजाब के लोगों को फ्री बिजली मिल रही है। आप की सरकार 90 फीसद से ज्यादा परिवारों को फ्री बिजली दे रही है। आप सरकार पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में 19 हजार किलोमीटर सड़कें बनवा रही है। पंजाब में कुल 43 हजार किलोमीटर सड़कें बनाई जा रही है और सड़कों की क्वालिटी देखने लायक है। पहली बार पांच साल की गारंटी का क्लॉज डाला गया है। लोग इन शानदार सड़कों के बनने से बहुत खुश हैं। आप सरकार ने अब तक 55 हजार से ज्यादा गरीबों मजदूरों को बिना रिश्वत और सिफारिश के सरकारी नौकरियां दी है। पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि पंजाब में बिना रिश्वत और सिफारिश के सरकारी नौकरी मिल सकती है। सीएम भगवंत मान ने खुद अपने हाथों से नियुक्ति पत्र बांटे हैं। पंजाब के अंदर शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में जबरदस्त बदलाव हुए हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज पंजाब के कोने.कोने में एक हजार के करीब मोहल्ला क्लीनिक चल रहे हैं। मोहल्ला क्लीनिकों का लगातार फीडबैक मुख्यमंत्री कार्यालय आता रहता है। अगर किसी मोहल्ला क्लीनिक में दवा की कमी है या डॉक्टर ठीक नहीं है तो तुरंत एक्शन लिया जाता है। पंजाब के सरकारी अस्पतालों में भी काफी बदलाव आया है और अगले महीने से 10 लाख रुपए का इंश्योरेंस हर परिवार को दिया जाएगा। जनवरी में इंश्योरेंस कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे। ईजी रजिस्ट्री प्रक्रिया से भी ग्रामीण बहुत खुश है। आप सरकार के ऐसे बहुत सारे काम है जिससे पंजाब के लोग बहुत खुश है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहते हैं कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी पूरे देश में मजबूत हो रही है। पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में मिली यह बड़ी जीत इसका प्रमाण है। उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें चुनाव में धांधली की बात कही जा रही थी और एक सूची साझा करते हुए बताया कि कांग्रेस कई जगहों पर मात्र 9ए 3 या 40 वोटों के मामूली अंतर से जीती है। उन्होंने कहा कि यदि बैलट पेपर में गड़बड़ी होती तो विपक्ष इतनी कम सीटों के अंतर से नहीं जीतता। चरणजीत सिंह चन्नी जैसे नेताओं को सब कुछ अपने हिसाब से दिखता है जबकि हकीकत यह है कि पहली बार चुनावों में वीडियोग्राफी करवाई गई। ताकि पारदर्शिता बनी रही। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 67 फीसद ब्लॉक समिति और 72 फीसद जिला परिषद की सीटों को मिलाकर आम आदमी पार्टी ने ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 70 फीसद सीटें जीती हैं। भगवंत मान ने कहा कि अकाली दल तीसरे नंबर पर खिसक गया है और अगर वे कुछ सीटें जीतकर खुश हैं तो यह उनकी गलतफहमी है क्योंकि पंजाब के लोगों का जनादेश बिल्कुल स्पष्ट है। यह जीत पिछले चार सालों में किए गए कार्यों जैसे नहरों का पानी खेतों तक पहुंचाने मुफ्त बिजली 55 हजार सरकारी नौकरियां टोल प्लाजा बंद करने और शहीदों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देने का परिणाम है। जिन सीटों पर कम अंतर से हार मिली है वहां कमियों की समीक्षा की जाएगी। भगवंत मान ने बताया कि आम आदमी पार्टी का विस्तार अब गोवा गुजरात जम्मू.कश्मीर और केरल तक हो रहा है जहां पार्टी स्थानीय चुनाव जीत रही है। विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस चुनाव को सेमीफाइनल मानने के बजाय सरकार के काम का रिपोर्ट कार्ड माना जाना चाहिए। पार्टी भविष्य में भी जाति और धर्म की राजनीति के बजाय विकास के मुद्दों पर ही जनता के बीच जाएगी। उनके पैतृक गांव सतोज में भाजपा को सिर्फ एक वोट मिलने के सवाल पर भगवंत मान ने कहा कि नेताओं को अपनी जड़ों से जुड़ा रहना चाहिए और मैं अपने गांव जाकर लोगों का धन्यवाद करूंगा। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति की जरूरत होती है जो आम आदमी पार्टी की सरकार के पास है। पंजाब में नशे के मामलों में सजा की दर 83 फीसद है जो देश में सबसे ज्यादा है। पुरानी सरकारों द्वारा बोए गए कांटों को अब हमारी सरकार साफ कर रही है।
इन दस वजह से चुनाव में मिली आप को जीत
1. पहली बार पंजाब में युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान चलाकर नशे पर सख्त प्रहार किया गया नशा बेचने वालों के घरों पर बुलडोजर चल रहे और 25 हजार नशा बेचने वाले गिरफ्तार हुए हैं। जबकि विपक्ष में बैठी पार्टियां पंजाब को नशे में धकेलने का काम किया।
2. आजादी के 75 साल में पहली बार किसानों के खेतों तक नहर का पानी पहुंचा।
3. अब किसानों को दिन में 8 घंटे निर्बाध बिजली मिल रही पहले रात में 3 बजे मिलती थी।
4. 90 फीसद से ज्यादा परिवारों को फ्री बिजली मिल रही है।
5. पंजाब में 43 हजार किलोमीटर शानदार सड़कें बनाई जा रही हैए जिसमें 19 हजार किमी ग्रामीण क्षेत्रों में बन रही है।
6. अब पंजाब में बिना रिश्वत और सिफारिश के सरकारी नौकरी मिल रही हैए अब तक 55 हजार से ज्यादा नौकरियां दी जा चुकी हैं।
7. एक हजार से अधिक मोहल्ला क्लीनिकों में लोगों को फ्री इलाज मिल रहा।
8. सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में भी जबरदस्त बदलाव हुआ है।
9. ईजी रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू होने से लोग बहुत खुश हैं
10. जनवरी से हर परिवार को 10 लाख रुपए का इंश्योरेंस मिलना शुरू हो जाएगा
