उत्तर प्रदेश में हुए एमएलसी चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं. 27 अक्टूबर से शुरू हुई काउंटिंग 29 अक्टूबर को खत्म हो गई. इस दौरान खूब बवाल मचा. आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहा. हालांकि अब 11 सीटों के नतीजों की तस्वीर साफ हो गई है. भारतीय जनता पार्टी ने 6 और सामजावदी पार्टी ने 5 सीटों पर जीत हासिल की है. सपा अपनी 5 जीत से गदगद है. वाराणसी शिक्षक और स्नातक सीट पर सपा ने बाजी मारी है. इस जीत को सपा खूब सेलिब्रेट कर रही है.
उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों पर बैलट पेपर से चुनाव हुए। इसके नतीजे तीसरे दिन आ गए। 11 सीटों में से बीजेपी ने 6 और सपा ने 5 सीटें जीत ली हैं। वाराणसी की स्नातक सीट पर सपा लगातार बढ़त बनाए हुए थी। वाराणसी स्नातक MLC चुनाव में सपा उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा लगातार बढ़त बनाए हुए थे। प्रथम वरियता के 9 राउंड पूरा होने के बाद द्वितीय वरियता के मतों की गिनती हुई जिसमें आशुतोष सिन्हा ने बाजी मार ली।
सपा उम्मीदवार की लगातार बढ़त को लेकर समाजवादी पार्टी खेमे में खुशी की लहर थी। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मतगणना स्थल से दूरी पर सेलिब्रेशन शुरू किया। समाजवादी पार्टी के समर्थक ढ़ोल नगाड़े के साथ नाचते दिखाई दिए।
भाजपा उम्मीदवार का सामने आया बयान
द्वितीय वरियता के मतगणना के बीच भाजपा उम्मीदवार केदारनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा किया है। भाजपा उम्मीदवार केदारनाथ सिंह ने मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए जनादेश के सम्मान की बात कही है। जनादेश को स्वीकार किया है। कहा कि इस चुनाव में हमें अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं हो सकी, आपका विश्वास और सहयोग अमूल्य रहेगा।
जीत के लिए चाहिए 54762 मत
वाराणसी स्नातक खण्ड निर्वाचन प्रथम वरीयता (अधिमान) मतगणना की गणना में कुल 109522 मत वैध पाए गए हैं। जितने के लिए कुल 54762 मत किसी एक प्रत्याशी को चाहिए।
श्री आशुतोष सिन्हा (सपा) : 50462+67 = 50529 मत
श्री केदार सिंह (बीजेपी) : 33478+52 = 33530 मत
प्रथम वरीयता के मतों की आठवें राउंड तक हुई मतगणना का परिणाम
आशुतोष सिन्हा – 47450
केदार सिंह- 31189
= आशुतोष सिन्हा 16261 से आगे
प्रथम वरीयता के मतों की नवें राउंड तक हुई मतगणना का परिणाम
आशुतोष सिन्हा – 50462
केदार सिंह- 33472
= आशुतोष सिन्हा 16990 से आगे
वाराणसी स्नातक MLC चुनाव में प्रथम वरीयता के मतों की छठे राउंड तक हुई गणना में आशुतोष सिन्हा को कुल 35,086 वोट मिले हैं, जबकि बीजेपी प्रत्याशी केदारनाथ सिंह को 23,253 वोट प्राप्त हुए हैं। इस तरह आशुतोष सिन्हा 11,833 मतों से आगे चल रहे हैं।
पांचवे राउंड में भी सपा उम्मीदवार रहे आगे
इससे पहले पांचवें राउंड की मतगणना के परिणाम में भी आशुतोष सिन्हा को बढ़त मिली थी। पांचवें राउंड में उन्हें 6,264 वोट मिले, जबकि बीजेपी प्रत्याशी केदारनाथ सिंह को 3,969 वोट प्राप्त हुए। पांचवें चक्र तक के कुल आंकड़ों के अनुसार आशुतोष सिन्हा को 28,863 और केदारनाथ सिंह को 19,373 वोट मिले थे। उस समय आशुतोष सिन्हा की बढ़त 9,490 मतों की थी।
1000-1000 के बैच में की जा रही काउंटिंग
मतगणना के लिए कुल 14 काउंटर बनाए गए हैं, जहां प्रथम वरीयता के मतों की 1,000-1,000 के बैच में गणना की जा रही है। पांचवें राउंड तक कुल 70,000 मतों की गणना पूरी होने की जानकारी दी गई थी। छठे राउंड के परिणाम में आशुतोष सिन्हा की बढ़त बढ़कर 11,833 वोट हो गई है।
जानिए कौन कहां से जीता?
वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की प्रतिष्ठित सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने जीत हासिल की है। आधिकारिक परिणामों के अनुसार, मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के दिनेश कुमार गोयल, लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उमेश द्विवेदी, वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के लाल बिहारी यादव, आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के डॉ.आकाश अग्रवाल और आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह विजयी रहे। इसके अलावा, इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के डॉ. मान सिंह यादव, मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के श्रीचंद शर्मा और बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने जीत हासिल की।
सपा की जीत से गदगद अखिलेश ने लिखी खुली चिट्ठी, कहा- भाजपा एक ‘फ्लॉप शो’
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद् की 11 सीटों में से 5 सीट जातने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गदगद हैं. जीते हुए प्रत्याशियों की तस्वीर साझा करते हुए यूपी के पूर्व सीएम ने एक खुली चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में अखिलेश ने यूपी के मतदाताओं को संबोधित किया है और इसमें दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी के पास अब कोई टिकट लेने नहीं जा रहा है.
कन्नौज सांसद ने लिखा कि प्रिय मतदाताओं, बीजेपी एक ‘फ्लॉप शो’ बन गई है. बीजेपी वाले वाराणसी में पहले ‘काउंटिंग’ में हारे, फिर दोबारा ‘री-काउंटिंग’ में हारे, मतलब दो बार मतगणना हुई और दोनों बार बीजेपी और उनके संगी-साथी हारे. ये डबल इंजन की डबल हार है. विधान परिषद के चुनावों में बीजेपी की हार ने 2027 में होने वाले उ.प्र. विधानसभा चुनाव की प्रस्तावना लिख दी है.
डबल इंजन की टकराहट और बढ़ गई- अखिलेश
सपा चीफ ने लिखा कि ये एक तरफ बीजेपी की ‘शिक्षक, शिक्षार्थी व शिक्षा’ विरोधी नीतियों की हार है, तो दूसरी तरफ पढ़े-लिखे ‘बेरोज़गार स्नातकों’ ने भी अपना फैसला सुना दिया है. बीजेपी ने हर समाज को जिस तरह ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ किया है, उससे सभी उत्पीड़ित एक साथ आ गए हैं. PDA का जनाधार अब 95% हो गया है, क्योंकि ‘जो पीड़ित, वो PDA’! इससे बीजेपी में अस्तित्व का संकट शुरू हो गया है, क्योंकि बीजेपी के अंदर तो सभी लोग जानते हैं कि जो सीटें बीजेपी जीती भी है, वो भी हेराफेरी से जीती गई हैं.
उन्होंने कहा कि बीजेपी की अंदरूनी फूट से डबल इंजन की टकराहट और बढ़ गई है. इसीलिए बीजेपीई प्रत्याशी विधानसभा चुनाव लड़ने की हिम्मत पूरी तरह हार गए हैं. जो बीजेपी अब तक प्रत्याशियों का सर्वे करा रही थी, वो अब दूरबीन लेकर प्रत्याशी ढूँढ़ रही है, पर कहीं कोई नज़र नहीं आ रहा है. बीजेपी की टिकट की खिड़की खाली है. इस उत्साहवर्धक जीत के लिए उ.प्र. के परम आदरणीय शिक्षकगण व अपने भविष्य के लिए चिंतित युवाओं का हम हृदय से आभार प्रकट करते हैं कि उन्होंने न केवल हमें वोट दिया, बल्कि हमारे ‘PDA प्रहरियों’ के साथ यथासंभव निगरानी भी रखी और प्रमाणपत्र मिलने तक डटे रहे.
अखिलेश ने लिखा किहम अपने सभी जीते हुए प्रत्याशियों को बधाई देते हैं और उनको भी, जिनको चालबाज़ी-जालसाज़ी से हराया गया. दरअसल हमारा कोई भी प्रत्याशी हारा नहीं है, बस वो बीजेपीई हेराफेरी के आगे जीत नहीं पाया. हम उनका भी बराबर अभिनंदन करते हैं. हमारे लिए वे सब भी बिना सर्टिफिकेट के विजेता हैं. यही सजगता और एकजुटता 2027 में हमारी सरकार बनाने के लिए ‘निर्णायक नींव’ बनेगी. पुनः सभी मतदाताओं को कोटि-कोटि हार्दिक धन्यवाद!
