कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूंजीपतियों ने आरएसएस का इस्तेमाल किया है.उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोगों को भारत की कोई समझ नहीं है और उनके सामने डरने की कोई वजह नहीं है. कांग्रेस नेता गुरुवार को नई दिल्ली के मावलंकर हॉल में रचनात्मक कांग्रेस कन्वेंशन के दौरान बोल रहे थे.राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस के बारे में कई बयान दिए. राहुल गांधी ने 20 दिन तक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में न हाज़िर होने पर भी सवाल उठाए.बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी के बयानों को ‘गरिमाहीन, संस्कारहीन, अश्लील और अभद्र’ बताया है.दरअसल, गुरुवार को ही संसद के मानसून सत्र का आख़िरी दिन था. ससंद के इस सत्र में अधिकांश समय सदन का कामकाज नहीं चल पाया.कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरएसएस और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत को आज की उसकी अभिव्यक्ति के ज़रिए समझना होगा.उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोगों को भारत की कोई समझ नहीं है और उनके सामने डरने की कोई वजह नहीं है.राहुल गांधी ने कहा, “इनको हम पागल कर देंगे… मैं आपको बता रहा हूं कि नरेंद्र मोदी रात नहीं सोते हैं. उसके अलग-अलग कारण हैं. अमित शाह कहां गायब हो गए हैं. वे भाग गए हैं. बीस दिन वे संसद भवन में नहीं घुस पाए. क्यों? क्योंकि पहली बार उन्हें भारत की बात सुननी पड़ रही है.”
वे मिस्टर अदानी के नौकर हैं. जैसे कि मिस्टर मोदी, मिस्टर अदानी के नौकर हैं
राहुल गांधी ने आरएसएस के बारे में दावा किया कि ‘अब यह संगठन पहले जैसा नहीं रहा.उन्होंने कहा, “आरएसएस का इस्तेमाल बड़े पूंजीपतियों ने अपने हितों के लिए किया है और उस पर कब्ज़ा कर लिया है. आरएसएस बहुत पहले ही अपने मूल रूप में ख़त्म हो चुका है. आरएसएस क्या था? वह छोटे भारतीय कारोबारी- सुनार, जौहरी और छोटे व्यापारियों की अभिव्यक्ति था. वही आरएसएस था.””वह अब ख़त्म हो गया है. अब वह नहीं रहा. और वे लोग अपनी लाठियां लेकर खड़े रहते हैं और खुद को हास्यास्पद बना रहे हैं. एक मूल ताक़त के रूप में आरएसएस मर चुका है. अब आरएसएस बड़े पूंजीपतियों का हथियार भर बन कर रह गया है.”उन्होंने कहा, “वे मिस्टर अदानी के नौकर हैं. जैसे कि मिस्टर मोदी, मिस्टर अदानी के नौकर हैं.राहुल गांधी ने कहा, “आरएसएस ने डिमोनिटाइजेशन किया. जीएसटी कर दी और अपने ही लोगों को धोखा दे दिया. ख़त्म कर दिया.”राहुल गांधी ने कहा कि अगर कोई ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ रहा हो और उसे डर लगे तो यह समझ में आता है.उन्होंने आगे कहा, “लेकिन आप मसखरों के समूह से लड़ रहे हैं. आपको डर कैसे लग सकता है? आप सचमुच मसखरों से लड़ रहे हैं. जिन्हें हमारे दर्शन और इतिहास के बारे में कोई जानकारी नहीं है.”आरएसएस के बारे में उन्होंने कहा, “मैं आरएसएस में अपने दोस्तों के बारे में यह कह सकता हूं. दरअसल, ज़्यादातर लोगों के लिए यह स्पष्ट है कि इन लोगों को भारत की कोई समझ नहीं है.” राहुल गांधी ने कहा कि भारत को समझने के लिए केवल उसके अतीत को समझना पर्याप्त नहीं है, “आपको भारत को आज, अभी समझना होगा, है न? और आज इसे समझने का एकमात्र तरीक़ा यह है कि आप उसकी अभिव्यक्ति को समझें.”
कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष अब खुलकर अपनी बात रख रहा है. अब इसे रोका नहीं जा सकता.
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र और अमित शाह को लेकर कहा कि ‘वे अब चैन से सो नहीं पाएंगे.’राहुल गांधी ने कहा, “कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष अब खुलकर अपनी बात रख रहा है. अब इसे रोका नहीं जा सकता. यह ‘थैंक यू, टाटा, गुडबाय’ वाला मामला है.”उन्होंने कहा, “मेरी बात याद रखिए, जिस दिन तक नरेंद्र मोदी इस्तीफ़ा नहीं देते और अमित शाह पद नहीं छोड़ देते, तब तक वे दोनों चैन से नहीं सो पाएंगे. हम उन्हें सोने नहीं देंगे, पूरी रात जगाए रखेंगे, जब तक कि वे आख़िरकार टूटकर यह न कह दें कि ‘यह हमारे बस की बात नहीं है, हमें माफ़ कर दीजिए, हमें जाने दीजिए.”उन्होंने आगे कहा, “और हम यह लड़ाई अपने देश की संस्कृति और मूल भावना के लिए लड़ रहे हैं. बिना नफ़रत के, बिना हिंसा के. हमारा देश नफ़रत का नहीं, बल्कि अपनापन, प्यार, भाईचारे और अहिंसा का देश है. हम यह बात सबको साबित करके दिखाएंगे.”कहा, “मैं आपको बता रहा हूं कि नरेंद्र मोदी रात में नहीं सोते हैं. उसके अलग-अलग कारण हैं. अमित शाह कहां ग़ायब हो गए हैं. वे भाग गए हैं. 20 दिन वे संसद भवन में नहीं घुस पाए. क्यों? क्योंकि पहली बार उन्हें भारत की बात सुननी पड़ रही है.”राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें आजकल मोदी के दफ़्तर के अंदर से जानकारी मिलती है. उन्होंने कहा कि ‘अंदर पूरा विद्रोह’ चल रहा है.
मोदी सरकार की विदेश नीति पर क्या बोले राहुल गांधी
मोदी सरकार की विदेश नीति पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, “पता नहीं कहां से इनके दिमाग में घुस गया कि फ़ोरेन पॉलिसी ये होती है…”इसके बाद राहुल गांधी कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के पास गए और उन्हें गले लगा लिया.फिर राहुल गांधी बोल, “पता नहीं किसने इनके दिमाग में डाला, कहाँ से घुसा…”उन्होंने दावा किया कि ‘चीन ने अरुणाचल में हमें पेट्रोलिंग करने से मना कर दिया. चीन ने कहा कि आपकी ज़मीन है मगर आप यहां पेट्रोलिंग नहीं कर सकते.’उन्होंने आरोप लगाया, “सारे मीडिया के संपादकों को कॉल कर के कहा जा रहा है कि यह बात आप अपने अख़बारों में मत डालो. छुपाओ.”उन्होंने कहा, “मैंने अपनी आंखों से देखा कि गलवान के बाद प्रधानमंत्री आए. एक ज़ूम कॉल थी. प्रधानमंत्री कहते हैं कि हिंदुस्तान की जमीन का एक इंच चीन ने नहीं लिया. उसके बाद सेना कहती है कि हिंदुस्तान की ज़मीन तो ले गए. आप सोचिए चीन को संदेश दिया गया. चीन के वार्ताकारों ने हमारे वार्ताकारों से कहा कि आप क्या कह रहे हैं? आपके प्रधानमंत्री ने बोला कि हमारी आपकी ज़मीन नहीं गई.”राहुल गांधी ने आरोप लगाया, “इन्होंने अंदर से देश को ख़त्म कर दिया है. विदेश नीति उड़ा दी है. अपना जो राजनीतिक ढांचा है उसको फ़ाइनेंस करने के लिए, अदानी जी का पैसा लेने के लिए यह उन्होंने किया है.”राहुल गांधी ने कहा, “अगर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध छिड़ गया है, तो ऐसे समय में अगर इंदिरा गांधी जी जैसा नेतृत्व होता, तो हमारे पास सबसे बड़ा अवसर होता. क्योंकि ईरान हमारा पुराना दोस्त है, अमेरिका और रूस भी हमारे दोस्त हैं, इसलिए हम उनके बीच दोस्ती कराने और मध्यस्थता करने की भूमिका निभा सकते थे. लेकिन पाकिस्तान आगे बढ़कर हमारी जगह ले गया और नरेंद्र मोदी बस खड़े होकर देखते रहे.”राहुल गांधी के भाषण के बाद कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल से एक बयान जारी कर अरुणाचल प्रदेश के ताकसिंग में कथित तौर पर पेट्रोलिंग करने से चीन द्वारा मना किए जाने पर चिंता ज़ाहिर की है.वास्तविक नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस के विदेश मामलों के विभाग के अध्यक्ष सलमान खुर्शीद ने बयान जारी किया.इसमें कहा गया है, “वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास अरुणाचल प्रदेश के ताकसिंग में ऐतिहासिक रूप से भारत के पेट्रोलिंग पॉइंट्स तक भारत की पहुंच चीन द्वारा रोके जाने की ख़बरों से हम बेहद चिंतित हैं. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मांग करती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन चिंताजनक घटनाक्रमों पर तुरंत देश को संबोधित करें.”
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने क्या कहा
बीजेपी सांसद बांसुरी ने पीएम राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया दी.उन्होंने कहा, “आज जिस प्रकार का गरिमाहीन संस्कारहीन अश्लील और अभद्र राहुल गांधी ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए, उससे वो नेता प्रतिपक्ष नहीं एक कॉमेडियन लग रहे थे. इस देश को सकारात्मक विपक्ष की ज़रूरत है लोकतंत्र में नेता प्रतिपक्ष की एक अहम भूमिका होती है.””रही बात सरकार कूटनीति कि तो नरेंद्र मोदी वो यशस्वी नेता हैं जिन्होंने एक नहीं बल्कि नौ एफ़टीए साइन करके भारत के आर्थिक भविष्य को सुरक्षित किया है.””आज हर भारतीय को ये आश्वासन है कि यदि युद्ध हो रहा है तो मोदी सरकार ऑपरेशन राहत और ऑपरेशन संकट मोचन जैसे रेस्क्यू ऑपरेशन कर उन्हें सुरक्षित भारत लाएगी.”

संदीप दीक्षित ने मेलोनी के बारे में क्या कहा कि बीजेपी हो गई नाराज़
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों पर तीखे हमले किए.
उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा. इस दौरान मंच पर ऐसा कुछ हुआ जिसकी काफ़ी चर्चा हो रही है और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इसे लेकर कांग्रेस पर हमलावर है और उस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगा रही है.घटना के केंद्र में हैं कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित और राहुल गांधी.
सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर बहस हो रही है
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, “कांग्रेस का वंशवादी नेतृत्व एक बार फिर शालीनता की सारी हदें पार कर गया है. एक मित्र देश का नेतृत्व करने वाली महिला राष्ट्राध्यक्ष के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जबकि मंच और दर्शकों में मौजूद महिलाएं भी इस पर हंसती नज़र आईं. यह सिर्फ़ राजनीतिक शालीनता का उल्लंघन नहीं है, बल्कि भारत के विदेश संबंधों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश भी है. जब महिलाओं के प्रति अनादर मनोरंजन का जरिया बन जाए, तो यह उस संस्कृति के बारे में बहुत कुछ कहता है, जिसे बढ़ावा दिया जा रहा है. शर्मनाक. निंदनीय.”बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानति श्रीनिवासन ने लिखा, “आलोचना करना हर राजनीतिक दल का अधिकार है, लेकिन महिलाओं का अपमान करना और सार्वजनिक जीवन को भद्दे मज़ाक तक सीमित कर देना सही नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का मज़ाक उड़ाना, जबकि कांग्रेस के नेता साथ में हंस रहे हों, राजनीतिक परिपक्वता की गंभीर कमी को दिखाता है.”बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी के बयान को गरिमाहीन, और अभद्र बताया और कहा कि वो कॉमेडियन की तरह बर्ताव कर रहे हैं.
एक न्यूज़ चैनल में हो रही डिबेट में शामिल कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने इस घटना पर भारतीय जनता पार्टी को ही आड़े हाथों लिया.उन्होंने कहा, “अगर इस बात की चर्चा आप कर रहे हैं तो फिर मोदी जी के संसद में दिए गए शूर्पणखा रिमार्क की भी चर्चा करो, बिलकिस बानो केस में बीजेपी ने दोषियों का जो सम्मान किया था उसकी भी चर्चा करो, सज़ायाफ़्ता बलात्कारी गुरमीत राम रहीम को जो बार-बार पेरोल मिलती है उसका भी ज़िक्र करो, रेप के दोषी आसाराम बापू के सामने बीजेपी के नेता नतमस्तक होते हैं उसका भी ज़िक्र करो.” इस घटना पर सोशल मीडिया में भी काफ़ी चर्चा हो रही है और लोग राहुल गांधी और संदीप दीक्षित पर खुलकर अपनी राय रख रहे हैं.पत्रकार रोहिणी सिंह ने एक्स पर लिखा, “मेलोनी वाले मामले की दरारें दिखाती हैं कि राजनीतिक कद किसी महिला को स्त्री-विरोधी सोच से नहीं बचाता. आप जी7 देश की प्रधानमंत्री हो सकती हैं और फिर भी आपको यौन नजरिए से देखा जा सकता है और किसी असंबंधित राजनीतिक हमले में घसीटा जा सकता है. सत्ता किसी महिला का पद तो बदल सकती है, लेकिन जिस नजरिए से उसे देखा जाता है, उसे अब भी नहीं बदल पाती.”पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी ने लिखा, “प्रिय संदीप दीक्षित, आपकी मां और दिवंगत श्रीमती दीक्षित एक ऐसी महिला नेता थीं, जिनका सभी सम्मान करते थे. मेलोनी के बारे में आपने जिस तरह की स्त्री-विरोधी और सेक्सिस्ट टिप्पणी की, वह बेहद आपत्तिजनक है और राजनीति में इसकी कोई जगह नहीं होनी चाहिए. इससे बेहतर व्यवहार की उम्मीद है.”वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने भी संदीप दीक्षित की आलोचना करते हुए लिखा, “कांग्रेस के एक कार्यक्रम में मोदी-मेलोनी पर की गई टिप्पणी पूरी तरह टाली जा सकती थी और बेहद खराब स्वाद वाली थी. गंभीर राजनीति को मीम या इंस्टाग्राम रील तक सीमित नहीं किया जा सकता.”वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष ने एक न्यूज़ डिबेट में कहा, “संदीप दीक्षित ने जो कहा वो निंदनीय है. मैं संदीप दीक्षित को जानता हूं वो अच्छे इंसान हैं लेकिन उन्होंने जो कहा वो बिलकुल निंदनीय है. शर्मनाक है.”उन्होंने कहा कि सरकार या विपक्ष को ऐसे रिमार्क करते हुए सावधान रहना चाहिए क्योंकि इससे विदेश नीति पर बुरा असर पड़ सकता है.कमलेश सिंह नाम के ट्विटर यूज़र ने लिखा, “राहुल गांधी का गले मिलने वाला मज़ाक सही जा रहा था. फिर संदीप दीक्षित ने मेलोनी को लेकर इसे एक अशोभनीय मज़ाक में बदल दिया. यही वजह है कि स्टैंड-अप आम तौर पर एक ही कॉमेडियन का काम होता है. कॉमेडी की जोड़ियां भी रही हैं, लेकिन उनके लिए बेहतरीन टाइमिंग और तालमेल की जरूरत होती है. मेरी सलाह है कि पहले रिहर्सल कर लिया करें. “पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर मोहम्मद ज़ुबैर ने जहां संदीप दीक्षित की टिप्पणी को ‘भद्दी’ बताया तो वहीं उन्होंने बीजेपी नेताओं पर भी भद्दी टिप्पणियां करने और अशोभनीय बातें करने वाले एक्स अकाउंट्स को फ़ॉलो करने का आरोप लगाया.
