उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उनके ऊपर पुलिस की कार्रवाई के साथ ही एंटी पेपर लीक बिल के मुद्दे पर राज्यसभा में आक्रामक नजर आए. उन्होंने केंद्र सरकार घेरते हुए कहा कि हमेशा यहां इमरजेंसी की बात होती है. इमरजेंसी की शुरूआत छात्र आंदोलन से हुई थी, तो आपलोग छात्र आंदोलन से इतने डरते क्यों हैं? उन्होंने सवाल किया हर बात पर बयान देने वाले गृहमंत्री कहां हैं? राउत ने तंज कसते हुए कहा कि मैं ‘लापता गृहमंत्री’ फिल्म बनाने वाला हूं.
राज्यसभा में शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने कहा, ”भारत के लाखों लोगों का सपना मर गया है या मारा गया है. 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर उन सपनों पर लाठीचार्ज हुआ, टियर गैस छोड़े गए, लाठियों में किलें लगाकर बच्चों को मारा गया और आखिर में पैलेट गन चलाकर लोगों के सपनों को खत्म करने की कोशिश की गई.”
सदन में कई नेताओं की राजनीति छात्र आंदोलन से शुरू हुई- राउत
उन्होंने आगे कहा, ”सदन में बहुत से ऐसे नेता बैठे हैं, जिनकी राजनीति की शुरूआत छात्र आंदोलन से हुई है. मुझे आश्चर्य और दुख भी है कि किसी को नहीं लगा कि जो बच्चे लाठी खा रहे हैं, अनशन चल रहा है, उनके साथ जाकर बैठें और संवेदना व्यक्त करें, उनको थोड़ा सा समझाएं. हमेशा यहां इमरजेंसी की बात होती है. इमरजेंसी की शुरूआत छात्र आंदोलन से हुई थी. बिहार में हुई और फिर गुजरात में हुई. तो आपलोग छात्र आंदोलन से इतने डरते क्यों हैं?”
मैं तो ‘लापता गृहमंत्री’ फिल्म बनाने वाला हूं- संजय राउत
राज्यसभा सांसद राउत ने ये भी कहा, ”एक आंदोलन इस देश में हुआ है, बच्चों की मांग है कि इस देश की शिक्षा व्यवस्था में जो भ्रष्टाचार है वो खत्म हो लेकिन प्रधानमंत्री डर गए, गृहमंत्री डर गए. मैं तो एक फिल्म बनाने वाला हूं ‘लापता गृहमंत्री’. कहां हैं गृहमंत्री? हर बात पर जो बयान देते हैं, हर बात का जो क्रेडिट लेते हैं. इतना बड़ा आंदोलन हो गया, बच्चों पर लाठीचार्ज हो गया, पैलेट गन चल गई लेकिन गृहमंत्री का एक बयान तक नहीं आया है. प्रधानमंत्री रात को 12 बजे बयान देते हैं.”
सरकार को जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी- संजय राउत
उन्होंने आगे कहा, ”पेपर लीक के मामले में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में लोग पकड़े गए. कई जो पकड़े गए हैं वो बीजेपी के सदस्य हैं. नीट का एग्जाम सिर्फ एक परीक्षा नहीं है बल्कि उनके जीवन और भविष्य का निर्णय करने वाली व्यवस्था है. अगर ये व्यवस्था सरकार के सिस्टम की असफलता से बर्बाद हो जाती है तो उसकी जिम्मेदारी भी सरकार को लेनी पड़ेगी.”
नए कानून में क्या है- संजय राउत
एंटी पेपर लीक को लेकर लाए गए बिल पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, ”नए कानून में क्या है? यह वही पुराना कानून है. एक साल की सजा को आपने 10 साल कर दी. 1 करोड़ का जुर्माना 10 करोड़ कर दिया. उससे क्या होगा? इस कानून से कुछ नहीं होने वाला है. पेपर सेट करने वाले से नीचे तक उनके लोग हैं. ऊपर से नीचे पेपर लीक हो जाता है. इस देश में एजुकेशन सिस्टम की बड़ी प्रतिष्ठा रही है, लेकिन आपने पूरी व्यवस्था को बर्बाद कर दिया. जिस देश में राम मंदिर के दान की पेटी लीक हो वहां पेपर लीक होना कोई बड़ी बात नहीं है.”
