नई दिल्ली: सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद गुरुवार देर रात अपना अनशन तोड़ दिया। केंद्र सरकार के दो-दो सीनियर मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में केंद्र सरकार से उनकी मांगों को माने जाने के लिखित भरोसे के बाद उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अपना अनशन तोड़ा, जिसमें उनकी सबसे प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल नहीं है।
20 जुलाई को ‘संसद चलो’अभियान में छात्रों का प्रदर्शन हिंसक होने के बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार दो मोर्चों पर संघर्ष कर रही थी। एक ओर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हिंसक संघर्ष चिंता बढ़ा चुकी थी, दूसरी तरफ सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत की वजह से परेशानियां बढ़ रही थीं। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऐसी स्थिति में अनशन तोड़वाने के लिए सरकार बहुत ही तेजी से सक्रिय हुई।
अनशन तोड़ने में गीतांजलि मध्यस्थ-रिपोर्ट
रिपोर्ट के मुताबिक अमित शाह के निर्देश पर जितेंद्र सिंह ने खुद सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो से फोन पर बात की और भरोसा दिलाया कि वांगचुक ने जो भी चिंताए जताई हैं, उसके समाधान के लिए सरकार तैयार है।
मंत्री ने गीतांजलि को इस बात के लिए राजी किया कि वे सोनम वांगचुक को अनशन तोड़ने के लिए मनाएं।
बाद में भारत सरकार की ओर से इसी भरोसे का पत्र नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अनशन तोड़ते वक्त सोनम वांगचुक के हवाले किया।
अगले हफ्ते एक विशेष बिल ला सकती है सरकार
जानकारी के अनुसार सरकार ने वांगचुक से यह भी कहा कि शुक्रवार को वह कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को किसी निष्पक्ष जगह पर वार्ता के लिए बुलाएगी।इसी मुद्दे पर सरकार और सीजेपी के बीच गतिरोध बन गया था।सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद सोनम वांगचुक के मांगों में शामिल है।रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने वांगचुक को अगले हफ्ते संसद में डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग के फ्रेमवर्क के तहत एक विधेयक लाने का भी भरोसा दिया है, जो विभाग खुद प्रधानमंत्री के अधीन है।
प्रदर्शनकारियों पर कानूनी कार्रवाई पर भी भरोसा
सरकार ने 20 जुलाई को संसद मार्च और जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों पर किसी तरह की कानूनी कार्रवाई न करने की मांग के प्रति भी सकारात्मक रवैया अपनाने का भरोसा दिया है।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर संसद में चर्चा के लिए सरकार पहले से ही तैयार है।
इसके साथ ही सरकार ने नीट पेपर लीक की वजह से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग पर पर भी सकारात्मक विचार को आश्वासन दिया है।
प्रदर्शनकारियों को समझाकर लद्दाख लौटेंगे वांगचुक-रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार अनशन तोड़ते ही सोनम वांगचुक ने लद्दाख वापसी की इच्छा जाहिर की।
सूत्रों के मुताबिक उन्होंने मंत्रियों को यकीन दिलाया है कि लद्दाख लौटने से पहले वो आंदोलन कर रहे लोगों से चर्चा करेंगे।
सूत्रों के अनुसार उन्होंने कहा कि वह छात्रों से अनुरोध करेंगे कि सरकार ने जो भरोसा दिया है, उसपर यकीन करें और यह सुनिश्चित करें कि जो शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, वो ‘समाज-विरोधी तत्वों’ के बहकावे में न आएं, क्योंकि इससे उनका आंदोलन कमजोर पड़ सकता है।
