नई दिल्ली: शिवसेना (यूबीटी) की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच सीबीआई से नहीं कराए जाने पर बहुत नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि चंदा चोरी पर सवाल उठ रहे हैं तो सत्ताधारी पक्ष इसे राजनीति बता रहा है तो फिर सीबीआई से जांच नहीं करवाना क्या है?
‘आरएसएस, वीएचपी से जुड़े हुए थे ट्रस्टीज’
प्रियंका चतुर्वेदी का आरोप है कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और चंदा चोरी की सारी जवाबदेही बीजेपी, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और आरएसएस की बनती है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘आरएसएस जो लगातार अपनी पीठ थपथपा रहा था…धर्म और भगवान राम के मंदिर को लेकर अपनी पीठ थपथपा रहा था, आज कितनी शर्मनाक बात है कि जिसकी जिम्मेदारी इनको दी गई थी…जो ट्रस्टीज हैं, आरएसएस, वीएचपी से जुड़े हुए ट्रस्टीज थे…उन्हीं की निगरानी में इस तरह की बड़ी चोरी हुई है..।’
सीबीआई से जांच नहीं करवाना राजनीति नहीं है?’
उद्धव ठाकरे की पार्टी की नेता ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि ‘देश में 500 साल की लड़ाई लड़ने के बाद जो भव्य मंदिर बना था, तो इसकी (ट्रस्ट) जिम्मेदारी दुगुनी हो जाती है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि उस जिम्मेदारी से भाग कर उनका बचाव किया जा रहा है। जो राजनीति का आरोप लगा रहे हैं, अगर राजनीति से प्रभावित आरएसएस का फैसला नहीं होता या यूपी सरकार का फैसला नहीं होता तो आज ये जांच सीबीआई कर रही होती।’
‘सिर्फ बीजेपी, वीएचपी और आरएसएस की है’
उद्धव ठाकरे की पार्टी की नेता प्रियंका चतुर्वेदी का कहना है कि ‘कितनी शर्मनाक बात है कि हिंदू मंदिर में, हिंदू लोगों की निगरानी में जो अपने आप को भगवान श्रीराम के भक्त मानते हैं, वो लोग ही इस चोरी में लगे हुए थे।’
