संसद के बाद सोशल मीडिया बना अखाड़ा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की एक टिप्पणी के सोशल मीडिया पर भी बवाल मच गया है। भारतीय जनता पार्टी ने जहां पूर्व सेना प्रमुख का एक वीडियो जारी किया है। वहीं, कांग्रेस ने एक पत्रिका का लेख साझा किया है।
कहां से शुरू हुआ विवाद?
पहले यह जानते हैं कि ताजा विवाद कहां से शुरू हुआ है। आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) एमएम नरवणे की किताब में लिखे संस्मरण का जिक्र किया। हालांकि सत्तारूढ पार्टी के सांसदों ने हंगामा किया और कहा कि संसद में ऐसी किताब का हवाला नहीं दिया जा सकता, जो प्रकाशित न हुई हो।
भाजपा ने क्या कहा?
भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसके साथ ही पार्टी ने लिखा, राहुल गांधी की शर्मनाक राजनीति। पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने स्पष्ट रूप से कहा है- ‘जमीन का एक इंच भी नहीं खोया है। हम ठीक वहीं हैं, जहां हम थे।’ फिर भी अपनी झूठी कहानी को आगे बढ़ाने के लिए राहुल गांधी ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया और एक पूर्व सेना प्रमुख को अपनी गंदी राजनीति में घसीट लिया। वो भी एक ऐसी किताब के जरिये, जो अभी प्रकाशित भी नहीं हुई है। पार्टी ने कहा, जब राजनीतिक एजेंडा देश और उसकी सशस्त्र सेनाओं से ऊपर आ जाता है, तो यह एक घोर राष्ट्रविरोधी मानसिकता को उजागर करता है।
कांग्रेस ने क्या कहा?
वहीं, कांग्रेस ने भी इसके जवाब में एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट लिखा। पार्टी ने एक पत्रिका के कुछ अंशों को साझा किया। इसके साथ ही लिखा- यह जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब ‘फॉर स्टेट्स ऑफ डेस्टिनी’ का वही हिस्सा है, जिसे विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उद्धृत (कोट) करना चाहते हैं। आखिर इस किताब में ऐसा क्या लिखा है कि मोदी सरकार घबरा रही है। आप खुद पढ़ लीजिए किताब का वह हिस्सा।
