लखनऊUnion Budget 2026 : आम बजट से उत्तर प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर और यहां चल रही केंद्रीय योजनाओं को रफ्तार मिलेगी। प्रदेश को अगले वित्त वर्ष में करीब ₹4.26 लाख करोड़ मिलेंगे। यह पिछली बार से करीब ₹25,000 करोड़ अधिक है। बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए सिटी इकोनॉमिक रीजन (CER) योजना का भी ऐलान हुआ है। इसके तहत पांच लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में राजधानी जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा। साथ ही सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान हुआ है। इनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर शामिल है। दोनों कॉरिडोर बनने से दिल्ली से वाराणसी और पूर्वोत्तर भारत तक की रेलयात्रा आसान होगी। इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और इससे जुड़े सेक्टर में रोजगार बढ़ेगा।CER योजना से कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और झांसी जैसे शहरों को सीधा लाभ मिलेगा। अगले पांच साल में हर सिटी इकोनॉमिक रीजन के लिए करीब ₹5000 करोड़ तक का निवेश प्रस्तावित है। इससे इन शहरों और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक क्लस्टर, स्टार्टअप हब, लॉजिस्टिक्स पार्क और सेवा क्षेत्र में विकास होगा।उत्तर प्रदेश में 2027 के रण को जीतने के लिए भाजपा इस बजट को एक बड़े हथियार के रूप में देख रही है. सूत्रों की मानें तो योगी सरकार ने केंद्र को जो फेहरिस्त भेजी है, उसमें पश्चिमी यूपी के लिए नया एम्स (AIIMS) और नमामि गंगे समेत कई प्रोजेक्ट के लिए अतिरिक्त फंड की मांग की है. यह बजट तय करेगा कि आने वाले चुनाव में पार्टी किन उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाएगी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट का स्वागत किया है. केंद्रीय बजट में यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर दिया गया है. बजट में 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइडों के कौशल विकास के लिए ‘पायलट स्कीम’ शुरू की गई है. हनुमानगढ़ी के संत देवेशाचार्य और सीताराम दास महाराज ने इसे पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम बताया है. लखनऊ में AI सिटी और जेवर के पास देश का पहला सेमीकंडक्टर डिजाइन पार्क. हर जिले में वर्किंग वुमन हॉस्टल और ‘लखपति दीदी’ के बाद अब ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘श्री मार्ट’. कैंसर और डायबिटीज की दवाएं सस्ती होंगी, हर जिले में इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर खुलेंगे. ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल’ के जरिए खादी और हैंडलूम को ग्लोबल ब्रांड बनाया जाएगा.
सबसे बड़ा लाभार्थी उत्तर प्रदेश
- बजट का बड़ा लाभार्थी राज्य
-बजट 2026-27 में उत्तर प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और कनेक्टिविटी– हर सेक्टर में केंद्र में यूपी है.
-16वें वित्त आयोग के तहत यूपी को ₹2.80 लाख करोड़ की केंद्रीय कर हिस्सेदारी. राज्यों में सबसे बड़ा हिस्सा. - कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स से पूर्वांचल को नई रफ्तार, वाराणसी पर बजट का सुपर-फोकस
-पूर्वांचल विकास का नया केंद्र, वाराणसी अब सिर्फ धार्मिक नहीं, आर्थिक राजधानी भी बनेगी
-दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर- पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था देश की राजधानी से जोड़ने वाला
-वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: पूर्वांचल को पूर्वोत्तर से सीधा जोड़ने वाला ऐतिहासिक कदम
-वाराणसी में शिप रिपेयर इकोसिस्टम और क्षेत्रीय उत्कृष्टता संस्थान- गंगा को आर्थिक धारा में बदलने की तैयारी
-मेडिकल हब की स्थापना- पूर्वांचल के लिए हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव
-अंतर्देशीय जलमार्ग, पर्यटन और रोजगार तीनों का संगम
-पर्यटन, व्यापार और निवेश- तीनों को सीधा फायदा - जिलों में इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर
-यूपी के सभी जिलों में इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर – हेल्थ स्टेट बनने का रोडमैप
-कैंसर की 17 दवाओं पर सीमा शुल्क शून्य – आम परिवारों को सीधा राहत
-5 क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों में राज्यों को सहायता- यूपी को व्यापक लाभ - नारी शक्ति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बड़ा फोकस- सुरक्षा के साथ रोजगार का भरोसा
-She MARTS – महिला स्वयं सहायता समूहों को स्थायी बाजार
-लखपति दीदी योजना का विस्तार- महिलाएं सिर्फ श्रमिक नहीं, उद्यमी बनें
-हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, वर्किंग वुमन हॉस्टल और क्रैच सुविधा - शिक्षा और युवा शक्ति के लिए ठोस निवेश
-हर जिले में STEM संस्थानों के लिए छात्रावास
-औद्योगिक गलियारों के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप – शिक्षा और उद्योग का सीधा तालमेल
-स्किलिंग, रिसर्च और रोजगार- तीनों को मजबूती - MSME, उद्योग और मेक इन यूपी- देसी उत्पादों को ग्लोबल पहचान
-₹10,000 करोड़ की SME विकास निधि
-‘कॉरपोरेट मित्र’, लिक्विडिटी सपोर्ट- छोटे उद्यमों को सीधी मदद
-इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर के लिए ₹40,000 करोड़- नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे रीजन को लाभ - टेक्सटाइल, हस्तशिल्प और कारीगरों के लिए राहत- यूपी अब श्रमिक नहीं, स्किल्ड प्रोफेशनल देगा
-समर्थ 2.0, टेक्स-इकॉन, राष्ट्रीय फाइबर योजना
-पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिम यूपी के लाखों बुनकरों-कारीगरों को सीधा फायदा
-मेगा टेक्सटाइल पार्क का प्रस्ताव- नौकरी और निर्यात दोनों को बढ़ावा - इंफ्रास्ट्रक्चर में रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय
-₹12.2 लाख करोड़ का कैपेक्स
-एक्सप्रेसवे, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स पार्क- यूपी सबसे बड़ा लाभार्थी
-डबल इंजन सरकार का सीधा असर जमीन पर - शहरी विकास और म्युनिसिपल बॉन्ड
-₹1,000 करोड़ से ऊपर म्युनिसिपल बॉन्ड पर ₹100 करोड़ का प्रोत्साहन
-लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा पहले से रोल मॉडल
-यूपी के शहरों की फाइनेंशियल ऑटोनॉमी मजबूत - पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान
-सारनाथ और हस्तिनापुर देश के टॉप 15 पुरातात्विक स्थलों में शामिल
-नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड- यूपी की विरासत का वैश्विक प्रचार
स्वास्थ्य और दिव्यांगों के लिए विशेष पहल
सरकार ने ‘PM दिव्याशा केंद्रों’ को मजबूत करने और दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंग बनाने वाली कंपनियों में AI इंटीग्रेशन के लिए निवेश बढ़ाने का फैसला किया है. साथ ही मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किए गए हैं.
बजट 2026: उत्तर प्रदेश के लिए बड़े ऐलान और अयोध्या के संतों की खुशी
यूपी के विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र ने खजाना खोल दिया है
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नया AIIMS खुलेगा और बुंदेलखंड के युवाओं के लिए IIT की स्थापना की जाएगी
लखनऊ में AI सिटी और वाराणसी में लॉजिस्टिक हब विकसित होगा. हापुड़-सहारनपुर में एग्री-एक्सपोर्ट जोन और गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार के लिए ₹22,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है.
सस्ते होंगे चमड़े से बने सामान, यूपी को होगा फायदा
केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने घोषणा करते हुए कहा कि चमड़े से बने सामान सस्ते होंगे. इसका फायदा यूपी के दो शहरों कानपुर और आगरा की चमड़ा फैक्ट्रियों को होगा.
हर जिले में बढ़ेंगे बेड और ट्रामा सेंटर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ी घोषणा की है. बजट के अनुसार, देश के जिला अस्पतालों की क्षमता 50% तक बढ़ाई जाएगी. उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के मुख्य अस्पतालों में बेड और सुविधाओं में 50% का इजाफा होगा. जिन जिलों में अब तक इमरजेंसी या ट्रामा सेंटर की सुविधा नहीं थी, वहां केंद्र सरकार के सहयोग से नए सेंटर खोले जाएंगे. इससे सड़क हादसों और आपातकालीन स्थिति में मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सकेगा.
10,000 गाइड्स का होगा स्किल अपग्रेड
यूपी के पर्यटन स्थलों (जैसे अयोध्या, काशी, मथुरा और आगरा) को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए केंद्र ने पायलट स्कीम लॉन्च की है. देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों को चुना गया है, जिनमें यूपी के शहरों का दबदबा रहने की उम्मीद है. इन केंद्रों पर 10,000 गाइड्स के कौशल को अपग्रेड किया जाएगा, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को बेहतर अनुभव दे सकें. यह सीधे तौर पर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा.
बनेंगे गर्ल्स हॉस्टल, विकसित होंगे तीर्थ स्थल
प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा. छोटे-छोटे तीर्थ स्थलों को भी विकसित किया जाएगा.
टियर-2 और टियर-3 शहरों का होगा कायाकल्प
वित्त मंत्री ने बजट में ₹12.2 लाख करोड़ के भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का ऐलान किया है. इसका सबसे बड़ा फायदा उन शहरों को मिलेगा जिनकी आबादी 5 लाख से अधिक है. उत्तर प्रदेश के करीब 15 शहर इस श्रेणी में आते हैं. इन शहरों का बदलेगा चेहरा: अयोध्या, नोएडा, सहारनपुर, गोरखपुर, झांसी, बरेली, अलीगढ़, मुरादाबाद और उन्नाव जैसे शहरों में सड़कों, फ्लाईओवर्स और आधुनिक सुविधाओं के लिए फंड की कमी नहीं होगी.
जलमार्ग और कनेक्टिविटी का नया जाल
यूपी की नदियों में अब व्यापार दौड़ेगा। राष्ट्रीय जलमार्गों के विस्तार के तहत यूपी की 5 प्रमुख नदियों पर जलमार्ग का काम तेज होगा. गंगा नदी में परिवहन को मजबूती देने के लिए वाराणसी और पटना में आधुनिक पोर्ट बनाए जाएंगे. इससे माल ढुलाई सस्ती होगी और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे.
सेमीकंडक्टर 2.0 और मेरठ का ‘खेल’
सेमीकंडक्टर 2.0: सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण का आगाज किया है। चूंकि नोएडा में पहले से ही सेमीकंडक्टर हब पर काम जारी है, इसलिए इस योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी उत्तर प्रदेश बनेगा।
मेरठ बनेगा ग्लोबल हब: खेलकूद के सामानों में आत्मनिर्भरता के लिए नई योजना शुरू की गई है। मेरठ, जो खेल उद्योग का केंद्र है, इस घोषणा के बाद दुनिया भर में स्पोर्ट्स गुड्स सप्लाई करने का पावरहाउस बनेगा।
दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर
बजट में बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर देते हुए 7 नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया गया है. इसमें उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ा फायदा मिला है:
दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर: राजधानी से सीधे जुड़ाव.
वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर: पूर्वांचल से पूर्वोत्तर भारत की राह होगी आसान.
वाराणसी-पटना शिप रिपेयर: बनारस और पटना में जहाजों की मरम्मत के लिए नई सुविधा स्थापित होगी.
यूपी की डिमांड लिस्ट पर सबकी नजर
