नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया। वित्त मंत्री के तौर पर निर्मला सीतारमण का यह 9वां बजट था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए सरकार के तीन कर्तव्य गिनाए और विकसित भारत का पूरा रोडमैप बताया। यह तीन कर्तव्य है आर्थिक विकास को गति देना, जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना और सबका साथ सबका विकास। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में आम आदमी से लेकर गरीब और किसानों के लिए कई घोषणाएं की। इनकम टैक्स स्लैब पहले की तरह ही रहेंगे। महिला सशक्तिकरण के लिए भी बजट में जोर दिया गया लेकिन कुल मिलाकर बजट युवा केंद्रीत है। देश की वित्त मंत्री ने जहां रेल कॉरिडोर का ऐलान किया है वहीं दूसरी ओर वित्त मंत्री ने कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाकर 12.20 लाख करोड़ रुपए कर दिया है। हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों तक कई ऐसे ऐलान किए हैं जो देश को विकसित भारत की ओर लेकर जाएंगे।बजट के तीन प्रमुख कर्तव्य है आर्थिक विकास को गति देना,निवेश बुनियादी ढांचे और उद्योग को मजबूत करके विकास की गति को तेज रखना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना । 2 जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना, आम नागरिकों की उम्मीदों शिक्षा स्वास्थ्य और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना ताकि नागरिकों की क्षमताएं बढ़ें और वे भारत की समृद्धि में सक्रिय भागीदार बनें । 3 सबका साथ सबका विकास, यह सुनिश्चित करना कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग परिवार और क्षेत्र तक पहुंचे और उन्हें संसाधनों व अवसरों तक समान पहुंच मिले।ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहले बजट में वित्त मंत्री ने जियो-पॉलिटिक्स और चुनौतियों की बात कही और देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया। यानी कुल डिफेंस बजट में 15.2% की बढ़ोतरी हुई है।डिफेंस बजट की खास बात यह है कि हथियार खरीदी और सेना के आधुनिकीकरण पर पिछले साल के ₹1.80 लाख करोड़ के मुकाबले इस बार ₹2.19 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह पूंजीगत खर्च में सीधे 22% की बढ़ोतरी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने को आम बजट पेश किया, इस बजट में युवा शक्ति और ऑरेंज इकोनॉमी पर विशेष जोर दिया गया है, जिसमें शिक्षा, कंटेंट क्रिएशन, परिवहन, रक्षा और ट्रेन के लिए भारी धनराशि आवंटित की गई है। साथ ही इस बजट में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की झलक दिख रही है और ऊर्जा सुरक्षा-आत्मनिर्भर भारत पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करता है। जिसमें परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं को मिलने वाली छूट को 10 वर्षों के लिए विस्तारित करना एक ऐतिहासिक कदम है।
बजट 2026 की मुख्य बातें जिनपर किया गया अधिक फोकस
विनिर्माण: आयात पर निर्भरता कम करने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 2.0 और बायोफार्मा शक्ति का शुभारंभ।
लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई): समर्पित इक्विटी और तरलता सहायता के माध्यम से लघु व्यवसायों को ‘चैंपियन’ के रूप में विकसित करने में मदद करने के लिए एक नई त्रिस्तरीय रणनीति।
सेवाएं: “ऑरेंज इकोनॉमी” पर ध्यान केंद्रित करना और “शिक्षा से रोजगार” के लिए एक नई उच्च-स्तरीय समिति का गठन।
ऊर्जा: कार्बन कैप्चर (सीसीयूएस) के लिए 20,000 करोड़ रुपये का आवंटन और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं पर कर छूट को 2035 तक बढ़ाना।
रेलवे: 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (मुंबई-पुणे और दिल्ली-वाराणसी सहित) और 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास।
कृषि: उच्च मूल्य वाली बागवानी (काजू, कोको) और भारत विस्तार एआई-एकीकृत पोर्टल के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि; भारतीय काजू, कोको और अखरोट और बादाम की उच्च घनत्व वाली खेती के लिए ट्रेनिंग।
जलमार्ग एवं माल ढुलाई: 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों का संचालन और डंकुनी से सूरत को जोड़ने वाले नए समर्पित माल ढुलाई गलियारों की स्थापना।
महत्वपूर्ण खनिज: भारत में महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तुओं पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) से छूट
शहरीकरण: शहर आर्थिक क्षेत्र पहल के माध्यम से द्वितीय, तृतीय और मंदिर नगरों में विकास को गति प्रदान करना।
देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र: 1.5 लाख बहु-कुशल देखभालकर्ताओं का प्रशिक्षण और प्रत्येक जिला अस्पताल में नए आपातकालीन आघात केंद्र स्थापित करना।
शिक्षा एवं लैंगिक समानता: 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप का निर्माण और प्रत्येक जिले में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) संस्थानों में लड़कियों के लिए छात्रावास सुनिश्चित करना।
विश्वास-आधारित शासन: गोदाम संचालक-केंद्रित सीमा शुल्क प्रणाली की ओर अग्रसर होना और दो वर्षों में एक एकीकृत सीमा शुल्क प्रणाली (सीआईएस) लागू करना।
नारियल: सरकार नारियल उत्पादन बढ़ाने और फसल की उत्पादकता में सुधार लाने के लिए विशेष रूप से तैयार की गई एक नारियल प्रोत्साहन योजना शुरू कर रही है। जिसे छोटे व्यापारियों को बंपर फायदा होगा।
पर्यटन: इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बजट में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसके तहत 20 प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइडों को प्रशिक्षित करने के लिए एक प्रायोगिक योजना शुरू की गई है और 15 पुरातात्विक स्थलों को जीवंत, अनुभवात्मक सांस्कृतिक स्थलों के रूप में विकसित करने की योजना है।
सरकार की राजकोषीय नीति
राजकोषीय घाटा: वित्त वर्ष 2027 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3% का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमानों में 4.4% था।
पूंजीगत व्यय में वृद्धि: पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया गया है।
विकास का दृष्टिकोण: बजट में लगभग 7% की निरंतर उच्च विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।
ऋण प्रबंधन: 2030 तक ऋण-से-जीडीपी अनुपात को 50±1% तक लाने का लक्ष्य है।
टैक्स को लेकर घोषनाएं
कर व्यवस्था में बड़े बदलाव और “जीवनयापन में सुगमता” के लिए विदेशी शिक्षा और चिकित्सा उपचार पर लगने वाला कुल कर (TCS) 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। विदेशी पर्यटन पैकेजों पर लगने वाला TCS बिना किसी सीमा के 2% कर दिया गया है। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरणों द्वारा दिए जाने वाले ब्याज को अब आयकर से छूट दी गई है।
बायो फार्मा अगले 5 सालों में 10000 करोड़ रुपये के खर्च से बायो फार्मा शक्ति की स्थापना की जाएगी। इसे एक ग्लोबल बायो फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा। तीन नए संस्थान खुलेंगे। इससे फार्मा क्षेत्र में करियर के मौके बढ़ेंगे।
कैंसर डायबिटीज की दवाएं बनाएगा भारत। भारत को दवाइयों के निर्माण में आत्मनिर्भर बनाना और नई बीमारियों से लड़ना है भारत को मेडिकल टूरिज़्म हब बनाया जाएगा 3 नए आयुर्वेदिक संस्थान बनेंगे
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 1ण्0 की क्षमताओं का विस्तार किया गया है। दिशा में सरकार ने मिशन 2 लॉन्च किया है। इसके लिए 40000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
विकसित भारत के लक्ष्य के लिए बैंकिंग पर विशेष ध्यान
वित्त मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह समिति संपूर्ण बैंकिंग प्रणाली की समीक्षा करेगी और भारत के आर्थिक विकास के अगले चरण को गति देने के लिए जरुरी बदलावों का सुझाव देगी।
तीन नए एम्स खोले जाएंगे
वित्त मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे। आयुष फार्मेसियों का उन्नयन होगा और सरकार पांच मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित करने में राज्यों का समर्थन करेगी।
एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए 10000 करोड़ रुपए का फंड स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।
केंद्रीय बजट 2026 27 में सरकार ने गांव और ग्रामीण रोजगार पर फोकस किया गया है। इस बार बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए रोजगार योजनाओं पर बड़ा खर्च किया गया है। जहां मनरेगा को 30000 करोड़ रुपये मिले हैं वहीं इसकी जगह लेने वाली नई योजना जी राम जी के लिए सरकार ने 95692 करोड़ रुपये का भारी बजट रखा है।
बजट 2026.27 में सरकार ने नारियल प्रोत्साहन योजना, काजू कोको के लिए समर्पित कार्यक्रम, चंदन की संगठित खेती सूखे मेवों के बागानों के पुनरुद्धार और पशुपालन को बढ़ावा देने की घोषणा की। इसका लक्ष्य उत्पादन बढ़ाना किसानों की आय बढ़ाना और रोजगार सृजन करना है। एआइ की मदद से उपज बढ़ाई जाएगी
तमिलनाडु केरल और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ मिनिरल के कॉरिडोर बनाए जाएंगे। सेमीकंडक्टर के लिए 40 हजार करोड़ के सपोर्ट का ऐलान किया गया है इस ऐलान से चीन से निर्भरता कम होगी।
बजट 2026 में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए आवंटन राशि को बढ़ाकर 32,914.7 करोड़ रुपये कर दिया गया है.
गर्ल्स एजुकेशन: 789 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल, हर जिले में एक हॉस्टल देश में 789 जिले हैं। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का ऐलान किया गया है। गर्ल स्टूडेंट्स के लिए STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को विशेष प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
महिलाएं: लखपति दीदी मॉडल पर रोजगार और आय बढ़ाने की स्कीम लखपति दीदी की तर्ज पर महिला स्वयं सहायता समूह की उद्यमी महिलाओं के लिए SHE-मार्ट (शी-मार्ट) बनाए जाएंगे। इन दुकानों को महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के समुदाय ही चलाएंगे। यहां महिलाओं के बनाए खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प, कपड़े और स्थानीय उत्पाद सीधे बेचे जाएंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और महिलाओं को अपने कारोबार पर मालिकाना हक मिलेगा।
