पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर कहा कि पंजाब को उसके वैध अधिकारों से वंचित करने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होने दी जाएगी. गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़, पंजाब विश्वविद्यालय, जल अधिकार, हाईकोर्ट, मनरेगा, RDF और राज्य की सुरक्षा से जुड़े तमाम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी.
चंडीगढ़ पंजाब का था, है और रहेगा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि चंडीगढ़ को पंजाब से अन्यायपूर्ण तरीके से अलग किया गया है. उन्होंने दो टूक कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा. उनकी सरकार चंडीगढ़ को पंजाब की पूर्ण राजधानी बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी. मान ने कहा कि आजादी के बाद से ही पंजाब को उसकी राजधानी से गैरकानूनी रूप से वंचित रखा गया है, जबकि राज्य ने देश के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां दी हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय और राज्य के जल अधिकारों पर लगातार साजिशें रची जा रही हैं. रोज़ नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं ताकि पंजाब को उसके हक से वंचित किया जा सके. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी सरकार ऐसी किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने देगी. पंजाब के जल संसाधन पंजाब के हैं और रहेंगे.
अलग हाईकोर्ट न होना दुर्भाग्यपूर्ण
मान ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि पंजाब का अपना अलग उच्च न्यायालय नहीं है. उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व के छोटे राज्यों तक के अपने हाईकोर्ट हैं, लेकिन पंजाब जैसे बड़े और ऐतिहासिक राज्य को आज भी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है. मामलों की भारी लंबितता के कारण आम लोगों को सालों तक न्याय के लिए इंतजार करना पड़ता है, जिससे जनता को भारी परेशानी होती है.
देश का अन्नदाता, फिर भी सबसे ज्यादा नुकसान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब देश का अन्नदाता है और उसे देश की “तलवार की भुजा” भी कहा जाता है. देश की तरक्की के लिए पंजाब ने अपने प्राकृतिक संसाधनों की भारी कीमत चुकाई है. भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, नदियों का पानी प्रदूषित हो चुका है और खेती पर संकट गहराता जा रहा है. इसके बावजूद पंजाब के साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है और राज्य को आज भी अपने अधिकारों के लिए अदालतों के दरवाज़े खटखटाने पड़ रहे हैं.मान ने आरोप लगाया कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से पंजाब के अधिकार खत्म करने की साजिश रची गई थी. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस साजिश को नाकाम कर दिया और आगे भी पंजाब के हक पर किसी तरह की आंच नहीं आने दी जाएगी. जल संसाधनों पर पंजाब का अधिकार पूरी मजबूती से सुरक्षित रखा जाएगा.
मनरेगा में बदलाव से गरीबों की रोजी पर खतरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का सिर्फ नाम ही नहीं बदला, बल्कि उसकी पूरी संरचना भी बदल दी है. इससे अनुसूचित जाति के श्रमिकों, महिलाओं और भूमिहीन परिवारों की आजीविका खतरे में पड़ गई है.उन्होंने बताया कि पंजाब में 19.85 लाख लोग मनरेगा में पंजीकृत हैं, जिनमें से 12.65 लाख अनुसूचित जाति परिवारों से हैं. सरकार हर मंच पर पंजाब और उसके गरीबों के हक की आवाज उठाती रहेगी.मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब के RDF फंड रोक रखे हैं, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि संविधान सभी राज्यों को उनके अधिकार देता है, फिर भी पंजाब को अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. हाल ही में गृह मंत्री के साथ हुई बैठक में उन्होंने 9,031 करोड़ रुपये के RDF और 2,267.83 करोड़ रुपये की मार्केट फीस का मुद्दा मजबूती से उठाया.मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबियों को बांटने के लिए झूठा प्रचार फैलाया जा रहा है, लेकिन राज्य सरकार ऐसी किसी भी साज़िश को सफल नहीं होने देगी. उन्होंने गैंगस्टरों और उनके समर्थकों को चेतावनी दी कि वे अपराध का रास्ता छोड़ दें या कड़े परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें. ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान के तहत अपराधियों और उनके नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की जा रही है.
नशे के खिलाफ जंग और ड्रोन पर लगाम
मान ने बताया कि ‘युद्ध नशां विरुद्ध’ अभियान के तहत नशे की सप्लाई चेन तोड़ी जा रही है. तस्करों को जेल भेजा गया है, उनकी संपत्तियां जब्त और ध्वस्त की गई हैं तथा नशे के शिकार लोगों का इलाज और पुनर्वास किया जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एंटी-ड्रोन तकनीक लगाई गई है और अब तक सैकड़ों ड्रोन गतिविधियां पकड़ी जा चुकी हैं.मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को भव्य स्तर पर मनाया जाएगा. 1 फरवरी से 20 फरवरी 2027 तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे, ताकि गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और विरासत को पूरे सम्मान के साथ आगे बढ़ाया जा सके.
सरकार की गिनाईं उपलब्धियां
मान ने मुफ्त बिजली, युवाओं को सरकारी नौकरियां, और नशा व गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त अभियान जैसी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पंजाब की शांति, एकता और भाईचारा बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.
