पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम के दूसरे चरण की शुरुआत हुई है। जालंधर में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान इसकी शुरुआत की है। ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ के पहले चरण में अब तक 1,859 किलो हेरोइन के साथ 43 हजार से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 29,978 एफआईआर दर्ज की गईं और 15.32 करोड़ रुपये की ड्रग मनी सहित भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए।आम आदमी पार्टी के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने कहा युद्ध नशेयां विरुद्ध’ (नशे के खिलाफ युद्ध) के पहले फेज की सफलता के बाद, हम आज इसका दूसरा फेज शुरू कर रहे हैं। कई ऐसे राज्य हैं जहां नशे का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है। इनमें हरियाणा, गुजरात और दिल्ली भी है, लेकिन इन राज्य सरकारों को इसकी कोई चिंता नहीं है।
केजरीवाल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के राज में पंजाब के हर घर में नशा पहुंच गया था। शिअद के बाद, कांग्रेस सरकार के पांच साल भी हालात में कोई बदलाव नहीं ला पाए। जब हमारी सरकार बनी, तो हमें थोड़ा समय लगा, लेकिन हमने सभी धमकियों के बावजूद नशे के खिलाफ यह अभियान शुरू किया। यह बहुत सफल रहा। पिछले एक साल में, नशा तस्करों के खिलाफ 28000 केस दर्ज किए गए हैं। आरोपियों को सजा दी जा रही है। 42000 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी प्रॉपर्टी पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।
पंजाब सरकार ने ड्रग तस्करी और संगठित गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए 72 घंटे का ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू किया है। इसमें 12,000 पुलिसकर्मी 2,000 ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं, जिसमें 60 प्रमुख गैंगस्टर निशाने पर हैं। पुलिस विदेशों में बैठे 23 गैंगस्टरों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर चुकी है। इस अभियान में ड्रग माफिया की आर्थिक रीढ़ तोड़ने और नेटवर्क की पूरी मैपिंग पर जोर है।
पंजाब में सिर्फ कार्रवाई नहीं, असली बदलाव हो रहा है
पंजाब में नशे ने कई घर उजाड़े, कई मां-बाप की गोद सूनी कर दी, लेकिन अब वो दौर पीछे छूट रहा है अब पंजाब में सिर्फ कार्रवाई नहीं, असली बदलाव हो रहा है और इस बदलाव की अगुवाई कर रही है भगवंत मान सरकार. अब नशे से लड़ाई थानों से नहीं, स्कूल की कक्षा से लड़ी जाएगी. सरकार ने एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला लिया है जो आने वाले वक्त में पूरे देश के लिए एक मॉडल बनेगा. सीएम ने कहा कि असली बदलाव तब होगा जब हमारा बच्चा खुद कहे, मैं नशे से दूर रहूंगा. भगवंत मान सरकार का यह कदम सिर्फ एक शिक्षा नीति नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति है. ये सरकार सिर्फ बात नहीं करती, ज़मीन पर काम करती है. ये सरकार आंकड़ों से नहीं, इंसानों की तकलीफ से फैसले करती है. आज जो शुरुआत हो रही है, वह आने वाले कल का नशामुक्त पंजाब बनाएगी, और यही सच्ची जीत होगी.अब वक्त आ गया है जब हर पंजाबी गर्व से कह सके, मेरे बच्चे को नशे से बचाने के लिए सरकार खड़ी है. यही है असली सेवा, यही है असली राजनीति. और यही है मान सरकार की पहचान.
पंजाब सरकार ने ड्रग तस्करी और संगठित गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए 72 घंटे का ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू किया है। इसमें 12,000 पुलिसकर्मी 2,000 ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं, जिसमें 60 प्रमुख गैंगस्टर निशाने पर हैं। पुलिस विदेशों में बैठे 23 गैंगस्टरों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर चुकी है। इस अभियान में ड्रग माफिया की आर्थिक रीढ़ तोड़ने और नेटवर्क की पूरी मैपिंग पर जोर है।
60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर
अधिकारियों के अनुसार, विदेशों में बैठे इन 60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुके हैं या जारी होने की प्रक्रिया में हैं, जबकि शेष 37 गैंगस्टरों के खिलाफ अगले तीन महीनों में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर नोटिस जारी किए जाएंगे। इन अपराधियों को भारत लाकर न्याय के कटघरे में खड़ा करना सरकार की प्राथमिकता है।ऑपरेशन प्रहार के तहत केवल गिरफ्तारियां ही नहीं होंगी, बल्कि ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क की पूरी मैपिंग की जा रही है। इसमें हर गैंगस्टर की भूमिका, उसका फाइनेंसर, हथियार सप्लायर, ड्रग सप्लाई चेन, सेफ हाउस, डिजिटल कम्युनिकेशन और सहयोगियों की पहचान की जा रही है। इस मैपिंग के आधार पर एक-एक कड़ी पर कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के लिए विशेष ढांचा तैयार
इस अभियान की निगरानी के लिए एक विशेष ढांचा तैयार किया गया है। आईजी काउंटर इंटेलिजेंस को पूरे ऑपरेशन का समग्र प्रभारी बनाया गया है। काउंटर इंटेलिजेंस के एडीजीपी आशिष चौधरी, जो हाल ही में एनआईए में लंबी सेवाएं देकर लौटे हैं, को ओवरसीज़ फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रडिशन सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डीआईजी गुरमीत चौहान, जो एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के प्रमुख हैं, को राज्य और देश में सक्रिय गैंगस्टरों पर कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं डीआईजी अखिल चौधरी, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), को ड्रग नेटवर्क, सप्लाई चेन और तस्करी के रूट तोड़ने का दायित्व सौंपा गया है।इसके अलावा एआईजी ब्यूरो ऑफ इंटेलिजेंस कमलदीप सिंह को ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाने, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखने तथा गैंगस्टर गतिविधियों की तकनीकी मैपिंग की जिम्मेदारी दी गई है। सेल में अलग-अलग डेस्क बनाए गए हैं, जो रेड कॉर्नर नोटिस, प्रत्यर्पण, इंटरपोल समन्वय, कानूनी सहायता और अंतरराष्ट्रीय पत्राचार का काम संभालेंगे।
