मुंबई में बीएमसी चुनाव के साथ मंबई एमएमआर की ठाणे, कल्याण-डोंबिवली, वसई-विरार, पनवेल, नवी मुंबई, उल्हासनगर, भिवंडी और मीरा-भाईदर महानगर पालिकाओं के चुनाव आज हो रहे हैं। सभी मनपाओं में मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5: 30 बजे तक होगा। इन चुनावों में जहां सीएम देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है, वहीं ठाकरे बंधुओं उद्धव और राज की पार्टियों का गठबंधन बीएमसी की सत्ता में वापसी की कोशिश में है। सुरक्षित और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए मुंबई में 28 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मुंबई में 227 सीटों पर सुचारु रूप से चुनाव संपन्न कराने के लिए 64,375 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। मुंबई सहित महाराष्ट्र की 29 मनपाओं में कुल 2,869 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। इनमें कुल 3.48 करोड़ वोटर हैं, जिसमें 1.81 करोड़ पुरुष और 1.66 महिला और 4 हज़ार 596 अन्य वोटर्स शामिल है।सुनील शेट्टी, गुलज़ार और नाना पाटेकर 15 जनवरी को वोट डालने पहुंचे।
पुणे के वोट डालने मुंबई आए नाना पाटेकर
बीएमसी चुनावों में अपना वोट डालने के बाद अभिनेता नाना पाटेकर ने कहा, ‘…मैं समझता हूं कि मेरे अस्तित्व का अर्थ वोट देना है और इसके लिए मैंने पुणे से 3-4 घंटे का सफर तय किया है और मैं तुरंत वापस लौट रहा हूं। इसलिए कृपया वोट जरूर डालें।’पुणे से वोट डालने के बाद आए पाटेकर ने मीडिया से कहा, “मैं वोट डालने के लिए तीन घंटे से ज़्यादा सफ़र करके आया, क्योंकि लोकतंत्र में यह ज़रूरी है, और मैं तुरंत वापस जा रहा हूँ। मैं सभी से अपील करता हूँ कि वे बाहर आएं और अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करें।”
सुनील शेट्टी ने कहा, “अनुभव अच्छा रहा, और इंतज़ाम अच्छे से किए गए थे। सभी को बाहर आकर वोट देना चाहिए, क्योंकि यह सबसे महत्वपूर्ण ज़मीनी चुनाव है। जब आपका इलाका डेवलप होता है, तो देश डेवलप होता है। हम अक्सर BMC को दोष देते हैं, लेकिन वे बिना थके काम करते हैं – देर रात तक भी। हमें कचरा और प्रदूषण जैसी समस्याओं की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। मुंबई का इंफ्रास्ट्रक्चर अविश्वसनीय गति से बढ़ रहा है, और जनता का सहयोग ज़रूरी है। मुझे इस बात को लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं था कि किसे वोट देना है। लोग उन्हें वोट देते हैं जो काम करते हैं।” दिग्गज कवि-गीतकार ने कहा, “हम अपनी मातृभूमि से जुड़े हुए हैं, और आपका वोट उन जड़ों को सींचने और लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए है, इसलिए इस कर्तव्य को ज़रूर पूरा करें।”
सचिन तेंदुलकर बोले- हर किसी को वोट डालना चाहिए
दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर मुंबई में बीएमसी चुनावों के लिए अपना वोट डालने के लिए एक मतदान केंद्र पर पहुंचे। सचिन तेंदुलकर ने बीएमसी चुनाव में अपना वोट डालने के बाद अपनी स्याही लगी उंगली दिखाई। उन्होंने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण चुनाव है। यह हमें वोटों के माध्यम से अपनी राय व्यक्त करने का मौका देता है। सभी को बाहर आकर अपना वोट डालना चाहिए.
मराठी वोटर सबसे ज्यादा
BMC के 227 चुनाव वार्ड के जातिगत समीकरणों की बात करें तो मराठी, उत्तर भारतीय, मुस्लिम, गुजराती और मारवाड़ी वोटरों की संख्या सर्वाधिक है. बीएमसी चुनाव 2017 में 227 पार्षद चुने गए थे. इसमें करीब 150-155 नगरसेवक मराठी भाषी थे. गैर मराठियों में 72 से 76 नगरसेवक उत्तर भारतीय, गुजराती और मुस्लिम थे. ठाकरे बंधुओं के साथ शिंदे गुट का फोकस मराठी मानुष पर है. भाजपा मराठी और उत्तर भारतीय दोनों को रिझा रही है.
BMC चुनाव: 2017 से वोटर्स 12% बढ़े, उम्मीदवार 25% कम हुए
हालांकि मुंबई में वोटर्स की संख्या 12% से ज़्यादा बढ़ी है, लेकिन 2017 के चुनावों की तुलना में उम्मीदवारों की संख्या में लगभग 25% की कमी आई है। इस मुकाबले में अलग-अलग तरह के लोग शामिल हैं: डॉक्टर, प्रोफेशनल, हाउसवाइफ और ऑटो ड्राइवर। हर वार्ड में कम से कम एक महिला द्वारा मैनेज किया जाने वाला ‘पिंक’ पोलिंग स्टेशन बनाया गया। नगर निगम स्कूल के स्टाफ सहित कई एजेंसियों को चुनाव ड्यूटी पर लगाया गया है, और पुलिस ने SRPF, क्विक रिस्पॉन्स टीमों और दंगा नियंत्रण इकाइयों की मदद से सुरक्षा व्यवस्था की है।
बीएमसी चुनाव में इंक की जगह यूज हो रहा मार्कर!
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि इस बार बीएमसी चुनाव में धांधली हो रही है। लोगों की उंगलियों में इंक नहीं लगाई जा रही बल्कि मार्कर से निशान बनाया जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की है। पार्टी का आरोप है कि सरकारी अमिट स्याही के बजाय मार्कर पेन से मतदाताओं की उंगलियों पर स्याही के निशान बनाए जा रहे हैं, जो नेल पॉलिश रिमूवर से आसानी से मिट जाते हैं। यह अस्वीकार्य है। AAP ने SEC से शिकायत दर्ज कराई है।
मुंबई में 30% मराठी पर 60 वार्ड में यूपी-बिहार के लोगों का दबदबा, जानें गुजराती-मारवाड़ी से मुस्लिमों तक की कितनी आबादी
मराठी : 25 से 30 फीसदी
उत्तर भारतीय : 22 से 25 फीसदी
मुस्लिम : 20 से 21 फीसदी
गुजराती, मारवाड़ी : 17 फीसदी
दक्षिण भारतीय व अन्य : 11 फीसदी
नवी मुंबई की आबादी
नवी मुंबई की आबादी भी मुंबई शहर के मुकाबले तेजी से बढ़ रही है. वहां हिंदू आबादी करीब 80% और मुस्लिम आबादी लगभग 9 फीसदी के करीब है. बीएमसी, नवी मुंबई नगर निगम के अलावा पुणे, नागपुर, अमरावती, सोलापुर समेत 29 जगहों पर निकाय चुनाव हो रहा है.
मुंबई में मराठी सबसे ज्यादा
मुंबई में करीब 30 फीसदी वोटर मराठी हैं. शिवसेना एकनाथ शिंदे और शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट और राज ठाकरे की मनसे ने इन पर पूरी ताकत झोंकी है. सेंट्रल मुंबई में दादर, परेल, लालबाग से लेकर गिरगांव और पुराने रिहायशी क्षेत्रों में मराठी वोटर सबसे ज्यादा है. बीएमसी के 40 से 45 प्रतिशत नगर सेवक इसी वर्ग से संबंध रखते हैं.
यूपी,बिहार का कहां जोर
गैर मराठी वोटरों की बात करें तो मुंबई में 20 से 25 फीसदी उत्तर भारतीय मतदाता हैं. इसमें 80 फीसदी के लगभग उत्तर प्रदेश और बिहार से जुड़े हैं. कांदिवली, कुर्ला, गोरेगांव, मलाड, मीरा भयंदर, और घाटकोपर में उत्तर भारतीय तादाद ज्यादा है. बीजेपी के साथ कांग्रेस भी इन पर दांव लगा रही है.
