गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को शारदीय नवरात्र की महानवमी और गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम योगी ने कहा कि नारी शक्ति के बिना संसार की कल्पना तक नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए लगातार काम कर रही है और इसी का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी लाने के साथ-साथ दोषसिद्धि और सजा के मामलों में देश में अग्रणी है।
गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन
महानवमी पर सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन का अनुष्ठान किया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का पूजन करते हैं। यह पर्व नारी शक्ति के प्रति आस्था और प्रेरणा का प्रतीक है। आज मां सिद्धिदात्री की पूजा और कन्या पूजन का सौभाग्य मुझे भी प्राप्त हुआ है।यूपी में जघन्य अपराधों में कमी आई है। एनसीआरबी ने 2023 की रिपोर्ट जारी की। इसमें जघन्य अपराधों के मामलों में कमी की बात सामने आई है। इसी पर सीएम योगी का बड़ा बयान सामने आया है। यूपी का स्थान अपराधिक घटनाओं के मामलों में अन्य राज्यों से कमी की बात है।
नारी सम्मान को लेकर पहल
सीएम योगी ने कहा कि सनातन परंपरा में नारी को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और उनकी सरकार भी इसी आस्था को व्यवहार में उतार रही है। उन्होंने कहा कि 22 सितंबर से मिशन शक्ति का पांचवां चरण शुरू किया गया है, जिसके तहत पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चल रहे हैं। महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और जागरूकता के लिए जिले-जिले में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अब सफलता की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
बेटियां सुरक्षित होना जरूरी
सीएम योगी ने कहा कि जहां बेटियां सुरक्षित और सम्मानित होती हैं, वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’, ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ और ‘सामूहिक विवाह योजना’ जैसी योजनाएं बेटियों के भविष्य को सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।मुख्यमंत्री योगी ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस कानून से महिलाओं को देश की सर्वोच्च पंचायत, यानी संसद में अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा। यह कदम महिलाओं के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा देगा।
