उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में देर रात बादल फटने की घटना से भीषण तबाही मची है. तेज बारिश और बादल फटने की घटना से जनजीवन प्रभावित हुआ. देहरादून के सहस्त्रधारा और आसपास के क्षेत्रों में बादल फटने से टोंस नदी का जलस्तर बढ़ा. नदी के बहाव से रिहायशी इलाकों तक मलबा पहुंचा , जिससे कई घरों और दुकानों को नुकसान हुआ है. राज्य में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में लगे हैं.मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और नुकसान का आकलन किया. उन्होंने कहा कि आपदा पीड़ितों को सहायता दी जाएगी ताकि जनजीवन को सामान्य किया जा सके. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मालदेवता क्षेत्र के केसरवाला में आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। देहरादून जिले के सहस्त्रधारा क्षेत्र में भारी बारिश के कारण आए पानी के बहाव के कारण रायपुर के मालदेवता में 100 मीटर लंबी सड़क बह गई। कल रात से हो रही भारी बारिश के कारण तमसा नदी उफान पर है, जिसके कारण टपकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भी काफी नुकसान पहुंचा है। मंदिर परिसर जलमग्न हो गया है, कई सड़कें बह गईं, कुछ मकानों के हिस्से ध्वस्त हो गए, कारें और दुकानें बह कर चली गईं। इसी कड़ी में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
मुरादाबाद मंडल के 10 लोग लापता
देहरादून में बादल फटने की घटना में मुरादाबाद मंडल के 11 लोगों के लापता होने की सूचना सामने आ रही है। वहीं, एक का शव बरामद किया गया है। रक्षाबंधन पर ये लोग मजदूरी के लिए गए थे। सहस्रधारा में बादल फटने से नाले में तेज बहाव आया। अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र के गांव रहरा एवं आसपास के इलाकों और मुरादाबाद के 11 लोगों के लापता होने की जानकारी मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन देहरादून रवाना हो गए है।हादसे में एक मजदूर का शव बरामद किया गया है। 10 लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। पानी के तेज बहाव में रहरा निवासी पुष्पेंद्र (20), पीतम (22) और पंकज (27) बहे थे। इनमें पंकज का शव बरामद कर लिया गया है। मुरादाबाद जिले के बिलारी इलाके के मुड़िया जैन गांव के 9 मजदूर भी लापता बताए जा रहे हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ दुखी, किया मुआवजे का ऐलान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भारी बारिश के बाद आई आपदा में जनहानि पर गहरा दुख जताया है। इस आपदा में उत्तर प्रदेश के नागरिकों के भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। सीएम योगी ने अपने संदेश में कहा है कि उत्तराखंड के जनपद देहरादून में टोंस नदी में दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। इस घटना में काल-कवलित हुए उत्तर प्रदेश निवासियों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। दरअसल, अब तक अमरोहा के रहरा गांव के एक मजदूर के शव को बरामद किए जाने की बात सामने आई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुआवजे के ऐलान के साथ अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने कहा है कि आपदा में मृतकों के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक घर तक पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।
एनडीआरएफ चला रही अभियान
देहरादून में भारी बारिश और बादल फटने की घटना के कारण कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। एनडीआरएफ की टीम ने मंगलवार को देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन को चलाया। इसमें एक बच्चे और 497 छात्रों को सुरक्षित बचाया गया। एनडीआरएफ ने इसके बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी शेयर की। सोमवार देर रात भारी बारिश के कारण देहरादून में आपदा जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। अब तक तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
कई इलाकों में भरा पानी
देहरादून में भारी बारिश के कारण सोमवार आधी रात को लोग मुश्किलों में नजर आए। नकरौंदा और डालनवाला में पानी भर गया। पानी के भारी वेग में आर्यनगर में बिजली के पोल बह गए। मसूरी-दून रोड पर सोमवार देर रात पानी बैंड के पास लैंडस्लाइड हो गया। इससे आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गया। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। बारिश का असर लगातार जिले में दिख रहा है।
मसूरी में यात्रियों को एक दिन का फ्री ठहराव
दूसरी तरफ, देर रात सहस्त्रधारा के कार्लीगाड क्षेत्र में बादल फटने से पूरे क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। भारी बारिश को देखते हुए मसूरी में सभी होटलों और होम स्टे में ठहरे यात्रियों को यात्रा न करने की सलाह दी गई है। होटल एसोसिएशन ने भी सभी पर्यटकों को आज निशुल्क प्रवास करने की व्यवस्था की है। इसके साथ ही खतरे वाले होटलों से पर्यटकों को धर्मशालाओं और गुरुद्वारों में शिफ्ट करने की भी तैयारी की गई है। नगर पालिका की बस के जरिए इन सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।इसके अलावा देहरादून के प्रेम नगर इलाके में पौंधा स्थित देवभूमि इंस्टीट्यूट परिसर में जलभराव होने से करीब 200 छात्र-छात्राएं फंस गए थे। इन्हें एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। वहीं, सहसपुर थाना क्षेत्र में उफनती नदी के बीच में फंसे पांच लोगों को पुलिस और एसडीआरएफ की टीम के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित निकाला गया।
