बिहार के दरभंगा में बीते दिनों कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान पीएम मोदी की मां को गालियां दी गईं. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के लिए सजे मंच से पीएम मोदी का अपमान हुआ था. अब उस अपमान पर पीएम मोदी का दर्द छलका है. पीएम मोदी ने भावुक होकर कहा कि कांग्रेस और राजद के मंच से उनकी मां को गालियां दी गईं. उन्होंने कहा कि यह उनकी मां का नहीं, बल्कि देश की हर मां-बहन और बेटियों का अपमान है.
प्रधानमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बिहार की महिलाओं को किफायती ब्याज दरों पर धन तक आसान पहुंच प्रदान करने के लिए सहकारिता का डिजिटल तरीके से उद्घाटन किया. इसके बाद संबोधन के दौरान उन्होंने अपनी मां को दी गई गाली का जिक्र किया. मां का जिक्र करते हुए वह भावुक हो गए. उन्होंने भोजपुरी में कहा कि बिहार में माई के स्थान देवता-पित्तर से भी ऊपर होला. उन्होंने कहा की मेरी मां ने गरीबी देखी है.पीएम मोदी ने कहा, ‘मां ही तो हमारा संसार होती है… मां ही हमारा स्वाभिमान होती है. इस समृद्ध परंपरा वाले बिहार में कुछ दिनों पहले जो हुआ…उसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी. खुद बिहार वालों ने भी कल्पना नहीं की थी. बिहार में आरजेडी-कांग्रेस के मंच से मेरी मां को गालियां दी गईं… ये गालियां सिर्फ मेरी मां का अपमान नहीं है…ये देश की मां-बहन-बेटी का अपमान है.’
‘मेरी मां को गाली की पीड़ा मेरे दिल में’
उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि आप सबको भी बिहार की हर मां को ये देख-सुनकर कितना बुरा लगा है. मैं जानता हूं. इसकी जितनी पीड़ा मेरे दिल में है, उतनी ही तकलीफ मेरे बिहार के लोगों को भी है. इसलिए आज जब इतनी बड़ी तादात में बिहार की लाखों माताओं-बहनों के दर्शन मैं कर रहा हूं, तो आज मेरा मन और मैं अपना दुख आपसे साझा कर रहा हूं. ताकि आप माताओं-बहनों के आशीर्वाद से मैं इसे झेल पाऊं.’
‘मुझे बहुत पीड़ा’
पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘मैंने हर दिन, हर क्षण अपने देश के लिए पूरी मेहनत से काम किया है. और इसमें मेरी मां की बहुत बड़ी भूमिका रही है. मुझे मां भारती की सेवा करनी थी… इसलिए मुझे जन्म देने वाली मेरी मां ने मुझे अपने दायित्वों से मुक्त कर दिया था. उस मां के ही आशीर्वाद से मैं चल पड़ा था. इसलिए, मुझे आज इस बात की पीड़ा है कि जिस मां ने मुझे देशसेवा का आशीर्वाद देकर भेजा, खुद से अलग करके मुझे जाने की इजाजत दी.’
‘मेरी मां को गालियां क्यों?’
उन्होंने आगे कहा, ‘आप सब जानते हैं कि अब मेरी मां का शरीर तो इस दुनिया में नहीं है. कुछ समय पहले 100 साल की उम्र पूरी करके, वो हम सबको छोड़कर चली गई. मेरी उस मां को जिसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, जिसका शरीर भी अब नहीं है. मेरी उस मां को RJD-कांग्रेस के मंच से भद्दी-भद्दी गालियां दी गई. ये बहुत ही दुख, कष्ट और पीड़ा देने वाला है. उस मां का क्या गुनाह है कि उसे भद्दी गालियां सुना दी गई.
‘माई के स्थान देवता पित्तर से भी ऊपर’
पीएम मोदी ने कहा, ‘एक गरीब मां ऐसे ही तपकर अपने बच्चों को शिक्षा-दीक्षा देती है, ऊंचे संस्कार देती है. इसलिए मां का स्थान देवी-देवताओं से भी ऊपर माना जाता है. बिहार के ही संस्कार हैं और हर बिहारी के मुंह से तो ये बात यूंही निकलती है – माई के स्थान, देवता पित्तर से भी ऊपर होला. इन्हें लगता है कि कुर्सी इन्हें ही मिलनी चाहिए. लेकिन, आपने, देश की जनता जनार्दन ने एक गरीब मां के कामदार बेटे को आशीर्वाद देकर प्रधानसेवक बना दिया. ये बात नामदारों को पच नहीं रही है.’
