नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र यानी विंटर सेशन का पहला दिन विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया. लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने जमकर बवाल काटा. जिसके कारण अंतत: सदनों को एक दिन के लिए स्थगित करने का फैसला लेना पड़ा. इसी बीच पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी पार्टियों को खरी-खोटी सुनाई. उन्होंने कहा कि जो लोग बार-बार जनता के बीच निराश होकर लौटे हैं. वो सदन की कार्यवाही को रोकने का प्रयास कर रहे हैं.संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को लोकसभा की बैठक एक बार के स्थगन के बाद पुन: शुरू होने के एक मिनट के अंदर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी और प्रश्नकाल समेत कोई विधायी कामकाज नहीं हुआ। निचले सदन की बैठक शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने वर्तमान लोकसभा के सदस्य रहे वसंत राव चव्हाण और नूरुल इस्लाम तथा पूर्व सदस्यों एम एम लॉरेंस, एम पार्वती और हरीश चंद्र देवराव चव्हाण के निधन के बारे में सदन को सूचित किया। सभा ने कुछ क्षण मौन रखकर दिवंगत सांसदों और पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी।इसके बाद कुछ विपक्षी सदस्य अडानी से जुड़े मामले और उत्तर प्रदेश के संभल में रविवार को हुई हिंसा के मुद्दे को उठाने का प्रयास करते सुने गए और हंगामे के बीच बिड़ला ने करीब 11 बजकर पांच मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब सदन में पहुंचे तो केंद्रीय मंत्रियों समेत सत्तापक्ष के सदस्य अपने स्थान पर खड़े हो गए और उन्होंने मोदी-मोदी के नारे लगाए।दोपहर 12 बजे सदन की बैठक पुन: शुरू होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव और कुछ अन्य पार्टी सदस्य संभल हिंसा का मुद्दा उठाने का प्रयास करते देखे गए। इस दौरान विपक्ष की अगली लाइन में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी खड़े थे। अन्य विपक्षी दलों के सदस्य भी विभिन्न मुद्दे उठाने का प्रयास कर रहे थे।पीठासीन सभापति संध्या राय ने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया। शोर-शराबा जारी रहने पर उन्होंने सदन की बैठक एक मिनट के अंदर ही दिनभर के स्थगित कर दी। मंगलवार को संविधान दिवस (26 नवंबर) के उपलक्ष्य में लोकसभा की बैठक नहीं होगी। लोकसभा की कार्यवाही अब बुधवार दोबारा शुरू होगी।राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित होने से पहले सभापति जगदीप धनकड़ ने विपक्ष को तगड़ा झटका दिया. सभापति ने नियम 267 के तहत प्राप्त विपक्षा के सभी 13 नोटिसों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वे सभापति के निर्देशों के अनुरूप नहीं हैं. जगदीप धनकड़ ने कहा, “हम एक बहुत ही खास दौर में हैं, भारतीय संविधान को अपनाने का 75वां साल”,
पीएम मोदी ने संसद सत्र से पहले कहा, ‘ये शीतकालीन सत्र है. 2024 का अंतिम कालखंड चल रहा है. देश उमंग के साथ 2025 की तैयारी में लगा है. संसद का सत्र विशेष है. संविधान का 75 वे साल में प्रवेश है, यह अपने आप में विशेष है. कल संविधान सदन में मिल कर 75 वे वर्ष की उत्सव की शुरुआत करेंगे. संविधान निर्माताओं ने एक एक बिंदु पर चर्चा की. संसद और सांसद इसकी महत्वपूर्ण इकाई है. संसद में ज्यादा चर्चा हो. दुर्भाग्य से कुछ लोगो ने अपने स्वार्थ के लिए जिनको जनता से अस्वीकार किया है वे मुट्ठी भर लोग हुड़दंग के माध्यम से इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं. जनता इसे काउंट करती है और समय आने पर सजा भी देती है.पीएम ने कांग्रेस पार्टी सहित तमाम विपक्षी दलों के इरादों को भांपते हुए उनपर जमकर प्रहार किया. पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि संसद में स्वस्थ्य चर्चा हो, ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें भाग लें. दुर्भाय से कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए इसका गलत इस्तेमाल किया है. ये वो लोग हैं जिन्हें जनता ने अस्वकार किया है. मुठी भर लोगों हुड़दंग बाजी से संसद को कंट्रोल करने का प्रयास कर रहे हैं.पीएम मोदी ने शीतकालीन सत्र से पहले अपनी बात रखते हुए कहा, ‘नए सांसदों के अधिकारों को कुछ लोग दबोच लेते है. उन्हें बोलने का मौका भी नहीं देते. लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नए पीढ़ी को तैयार करना. 80- 90 बार जिनको जनता ने नकारा है, वे अवरोध पैदा करते है. 2024 के चुनाव के बाद कुछ राज्यों में जनता को अपनी भावना को प्रकट करने का मौका मिला. 2024 के लोकसभा के नतीजों को और अधिक ताकत दिया गया है. मैं बार बार विपक्ष से आग्रह करता हूं. मैं आशा करता हूं कि नए लोगों जिनके पास नए विचार और ऊर्जा हैं, वो आगे आएं. विश्व भारत की ओर देख रहा है. विश्व में भारत को ऐसे अवसर कम मिलते हैं जो आज मिला है. विश्व को संदेश जाना चाहिए. हम जितना समय गवां चुके है उसका पश्चाताप करे. मैं आशा करता हूं कि यह सत्र बहुत ही परिणामकारी हो. वैश्विक गरिमा को बल देने वाला और नए सांसदों को बल देने वाला हो.’कांग्रेस सांसद माणिकम टगोर टीटी ने संसद सत्र से पहले कहा, ‘हमने सरकार के सामने अपनी डिमांड रखी है. संभल हिंसा हो या फिर पॉल्यूशन, इन सब पर सरकार को चर्चा करनी चाहिए. संसद में सरकार को हमारी बातचीत सुननी चाहिए. चाहे पॉल्यूशन हो, अडानी का मुद्दा हो या फिर संभल का मुद्दा हो, हमने यह बात और पार्टी मीटिंग में भी उठाई है और चाहते हैं कि सरकार आगे आए और सदन में इस पर चर्चा करें. महाराष्ट्र के नतीजे बिल्कुल अप्रत्याशित थे. इसकी हम डिटेल स्टडी करेंगे और कांग्रेस प्रेसिडेंट के पास पर रिपोर्ट जाएगी.
सदन के दोनों सत्र स्थगित होने पर बोले कांग्रेस नेता शशि थरूर
लोकसभा और राज्यसभा के एक दिन के लिए स्थगित होने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “सभी विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर चर्चा करने का फैसला किया था, लेकिन शायद सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी, इसीलिए दोनों सदनों के संसदीय सत्र स्थगित कर दिए गए हैं. देखते हैं क्या होता है, लेकिन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होना जरूरी है.”लोकसभा-राज्यसभा स्थगित होने के लिए कांग्रेस ने स्पीकर पर फोड़ा ठीकरा, पीएम मोदी से पूछा सवाल?कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम सदन की कार्यवाही स्थगित होने पर स्पीकर पर साधा निशाना. उन्होंने कहा, “पिछली लोकसभा से मेरा अनुभव यह है कि अध्यक्ष, जो अभी भी अपने पद पर हैं, कभी भी स्थगन प्रस्ताव की अनुमति नहीं देते। हमारे मुद्दे की निश्चित रूप से संयुक्त संसदीय समिति द्वारा जांच की आवश्यकता है. जहां तक लोगों के फैसले का सवाल है, मेरा मतलब है कि अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नतीजे आए हैं। झारखंड में इंडिया ब्लॉक की शानदार जीत के बारे में प्रधानमंत्री क्या कहते हैं? कर्नाटक में तीन उपचुनावों में कांग्रेस पार्टी की जीत के बारे में प्रधानमंत्री का क्या कहना है?’
